नागरिकता विधेयक को लेकर सुलग रहा तमिलनाडु

आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial

ब से नागरिकता विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली है तब से देश के कई हिस्सों में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। कई जगह यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा तो कही हिंसक हो गया है। तमिलनाडु भी इससे अछूता नहीं रहा है। तमिलनाडु में इस अधिनियम को लेकर कई राजनितिक पार्टिया और छात्र खुलकर विरोध कर रहे है।

मंगलवार को राज्यभर में डीएमके ने इस अधिनियम के विरोध में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। इस विरोध प्रदर्शन में डीएमके, एमडीएमके, वीसीके, मथिन्यै मक्कल कटची, तमिलनाडु मुस्लिम मुनेत्र कझगम, मुस्लिम लीग आदि पार्टी शामिल रहे। इन पार्टियों की मांग है की श्रीलंका से आये तमिल शरणार्थियो को इस नागरिकता अधिनियम में जगह क्यों नहीं दिया गया।

केवल हिंदी बोलने वाले हिन्दुओ को ही इसका लाभ क्यों, क्यों हमारे तमिल भाइयो को इसके लाभ से वंचित रखा गया है? राज्य में श्रीलंकन तमिलों का मुद्दा हमेशा से संवेदनशील रहा है। केंद्र सरकार द्वारा श्रीलंकन तमिलों को नागरिकता से वंचित रखने पर राज्य के लोगो में काफी नाराजगी है। इस मुद्दे को लेकर खासतौर पर युवा वर्ग में काफी आक्रोश है।

प्रदर्शन के कारन मद्रास विश्वविधालय 23 दिसंबर तक बंद

नागरिकता अधिनियम के विरोध में तमिलनाडु में छात्र और विपक्षी पार्टिया सड़क पर उतर चुकी है। राज्य के लगभग हर हिस्से में इस अधिनियम का विरोध किया जा रहा है। यह विरोध प्रदर्शन पिछले तीन दिनों से मद्रास विश्वविद्यालय में चल रहा है जिसके कारन विश्वविधालय को 23 दिसंबर तक के लिए बंद कर दिया गया है।

विश्वविद्यालय परिषर में पुलिस की तैनाती कर दी गयी है। किसी भी छात्र को विश्वविद्यालय परिषर के अंदर प्रवेश करने नहीं दिया जा रहा है। पुलिस के इस रवैये से छात्रों और आम जान में काफी आक्रोश है। इन प्रदर्शनकारी छात्रों को आमजन का काफी सहयोग मिल रहा है। मद्रास यूनिवर्सिटी में इन छात्रों से अभिनेता सह राजनेता कमल हासन मिलने पहुंचे और उनका ढाढस बढ़ाया।

कोयम्बटूर स्थित पीएसजी कॉलेज में भी बुधवार को छात्रों ने इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कई शिक्षक और प्रोफेसरो का भी समर्थन इन छात्रों को प्राप्त है। इन छात्रों से बात की गयी तो उनका कहना है की तमिलनाडु और श्रीलंकन तमिलों के साथ केंद्र सरकार सौतेला वयवहार कर रही है। मौजूदा भाजपा सरकार हमपर अपनी विचारधारा को थोपने की कोशिश कर रही है।

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