हिंदी के साथ अन्य भाषाओं के बढ़ते महत्व को समझे

हिंदी के साथ अन्य भाषाओं के बढ़ते महत्व को समझे। जैसे—जैसे ग्लोबलाइजेशन की ओर बढ़ रहा है वैसे में अपने एक मात्र भाषा के साथ—साथ अन्य भाषाओं की भी जानकारी रखनी चाहिए।

आईएनएन/चेन्नई,@Infodeaofficial

 

सआरएम इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, विज्ञान एवं मानविकी संकाय, वडपलनी कैम्पस में हिंदी दिवस मनाया गया। इस मौके पर डॉ. बशीर अहमद, सेवानिवृत्त प्रबंधक राजभाषा, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन, चेन्नई ने भारतीय भाषाओं की विशेष अस्मिता और हिंदी एवं तमिल भाषा के बढ़ते महत्त्व को उजागर किया। संकायाध्यक्ष डॉ. आर. राजगोपालन द्वारा अतिथि वक्ता के साथ ही कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ।

मंच पर सहयोगी संकायाध्यक्ष, प्रो.वेणु त्यागराजन, डॉ. एन. पद्मावती, सहायक प्राध्यापिका (हिंदी), निशा मूरलीधरन सहायक प्राध्यापिका (हिंदी) भी उपस्थित थे। कु. अशोकलाल, बीसीए अंतिम वर्ष के छात्र ने संकायाध्यक्ष, अथिति वक्ता डॉ. बशीर अहमद और उपस्थित सभाजन का हार्दिक स्वागत कर कार्यक्रम का संचालन किया। अतिथि वक्ता डॉ. बशीर अहमद ने छात्रों को राजभाषाओं की उपयोगिता एवं रोजगार के अवसरों पर रोचक एवं विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम के अंत में कु. सूरज शर्मा, बीसीए अंतिम वर्ष के छात्र ने और प्रेरणा अरोरा, बी. कॉम प्रथम वर्ष की छात्रा ने मधुर गायकी से सभा को मंत्र – मुग्ध किया। कु. साई शंकर, बी. कॉम प्रथम वर्ष के छात्र ने भी भूमिका निभाई। डॉ. एन. पद्मावती द्वारा एसआरएम प्रबंधन, संकायाध्यक्ष, अतिथि वक्ता डॉ. बशीर अहमद, सह-प्राध्यापकों, विद्यार्थियों को धन्यवाद देने एवं राष्ट्र गान के साथ सभा संपन्न हुई।

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