दिल के मरीज 93 वर्षीय रोगी के घुटनों की सफल सर्जरी

संजय जोशी, आईआईएन/बीकानेर, @Infodeaofficial

हमदाबाद के एशियन बैरियाट्रिक्स अस्पताल में हाल ही एक हृदय रोगी द्वारा अपने दोनों घुटनों के प्रत्यारोपण का सफल इलाज कराने का मामला सामने आया है जो बीमारी से परेशान होकर लगभग हार चुके थे लेकिन एक हौसले ने उन्हें प्रेरित किया और प्रत्यारोपण कराने पर उन्हें न केवल कामयाबी मिली बल्कि कुछ ही घण्टों में वे चलने भी लग गए।

अस्पताल के ऑर्थोपेडिम सर्जन बीकानेर निवासी डॉ. धीरज मरोठी ने बताया कि 93 वर्षीय दिल के मरीज गोहिल के दोनों घुटनों का प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक कर बीकानेर और राजस्थान का गौरव बढ़ाया है।

उन्होंने बताया कि डॉ. योगेश टाक के निर्देशन में डॉ. शिवानी ने सामान्य एनेस्थीसिया देने का निर्णय लिया तथा रोगी के पैरों के टेढ़ेपन ऑस्ट्रियो ऑर्थोराइट्स और अन्य उम्रजनित बीमारियों का सफलतापूर्वक इलाज किया गया। सर्जरी के बाद मात्र चार घण्टे में रोगी को चलने की अनुमति भी दे दी गयी।

मरीज ने अनेक जगह घुटनों के भयंकर दर्द के लिए परामर्श व इलाज लिया था लेकिन कहीं से भी लाभ नहीं हुआ। अस्पताल के चेयरमैन डॉ. महेंद्र नरवारिया के अनुसार रोगी गोहिल को ऑपरेशन से पहले पांच दिनों तक गहन परीक्षण से गुजरना पड़ा उसकी स्थिति को देखते हुए केवल आधे घण्टे में सर्जरी पूरी की गयी।.

उल्लेखनीय है कि डॉ. धीरज राणावत जोईंट रि-कंस्ट्रक्शन फैलोशिप-2007 से यूएसए से सम्मानित है। उन्होंने भारत में पहली बार राणावत कॉकटेल सिस्टम को लागू किया जो कि सर्जरी के तीन घण्टे बाद ही रोगी को सामान्य रुप से चलने में मददगार है। इससे ऑपरेशन के बाद दर्द भी कम होता है।

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