यूआईटी में टारगेट के चक्कर में फर्जी एसीबी कार्यवाही करवाने वालों के गिरफ्तारी आदेश

संजय जोशी, आईआईएन/बीकानेर, @Infodeaofficial

राजस्थान में बीकानेर नगर विकास न्यास (यूआईटी) में लाखों रुपए का फर्जी भुगतान बिना कार्य किए उठाने के टारगेट से फर्जी एंटी करेप्शन ब्यूरो (एसीबी) कार्यवाही करवाने वाले यूआईटी के ठेकेदार, अधिशाषी अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनिष्ठ अभियंता के विरुद्ध जांच पूरी होने पर पुलिस महानिदेशक ने गिरफ्तारी आदेश गुरुवार को जारी कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार यूआईटी में चार वर्ष पूर्व 18 सितम्बर 2015 को कनिष्ठ लेखाकार लालचन्द सोनी के विरूद्व यूआईटी के ठेेकेदार एवं मेसर्स देव इंफ्रा वैशाली नगर जयपुर के प्रोपराईटर विनोद कुमावत द्वारा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (स्पेशल यूनिट) बीकानेर में एक शिकायत को प्रस्तुत कर सोनी के विरूद्व ट्रेप की कार्यवाही करवायी गई थी।

लालचन्द सोनी द्वारा इस सम्पूर्ण कार्यवाही में नगर विकास न्यास के ठेकेदार विनोद कुमावत, अधिशाषी अभियंता प्रेम वशिष्ठ, सहायक अभियंता महावीर प्रसाद टाक, कनिष्ठ अभियंता प्रवीण कुमावत व एसीबी के तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक परबत सिंह के विरूद्व फर्जी एसीबी कार्यवाही को सफल बनाने के लिए फर्जी एवं कूट-रचित दस्तावेज तैयार करने एवं नगर विकास न्यास बीकानेर अधिशाषी अभियंता ओम प्रकाश गोदारा के हस्ताक्षर से जारी माप पुस्तिका को गायब करने के आरोप में अन्तर्गत धारा 467, 468, 471, 420, 166, 167 एवं 120बी में एक इस्तगासा अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सं 02 बीकानेर में सीआरपीसी 156 (3) के तहत प्रस्तुत किया गया।

न्यायालय द्वारा दिये गये आदेश की पालना में थाना पुलिस सदर बीकानेर में 4 सितम्बर 2018 को उपरोक्त व्यक्तियों के विरूद्व उक्त धाराओं में नामजद एफआईआर संख्या 315/2018 दर्ज की गयी। इस एफआईआर का अनुसंधान तीन बार अलग-अलग तीन अधिकारियों द्वारा किया गया है।

प्रकरण में अभियुक्त प्रेम वशिष्ठ अधिशाषी अभियंता द्वारा प्रस्तुत परिवाद पर पुलिस मुख्यालय के आदेशानुसार 25 मई 2019 को पत्रावली पुलिस महानिरीक्षक बीकानेर रेंज बीकानेर को भेजकर इसका विस्तृत अनुसंधान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के अधिकारी से अपने निकटतम पर्यवेक्षण में करवाये जाने हेतु आदेश दिये गये। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त आदेश की पालना में इस प्रकरण में अन्तिम एवं तीसरी बार अनुसंधान दीपक शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध एवं सतर्कता, रेंज कार्यालय बीकानेर द्वारा किया गया।

अनुसंधान के दौरान दीपक शर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी पक्षकारों के बयान लिये गये, साक्ष्य दस्तावेज खंगाले गये। पुलिस अनुसंधान में उक्त चारों व्यक्तियों के विरूद्व उपरोक्त धाराओं में अपराध प्रमाणित एवं साबित माना गया। इस अनुसंधान के दौरान यह पाया गया कि इन चारों व्यक्तियों द्वारा नगर विकास न्यास बीकानेर से जारी मूल माप पुस्तिका को इरादतन गायब किया गया है एवं मौके पर एसीबी द्वारा तथाकथित रूप से सोनी के पास बतायी गई माप पुस्तिका एवं वर्तमान में उपलब्ध मूल माप पुस्तिका भिन्न है।

इसके अतिरिक्त इन चारों व्यक्तियों द्वारा एसीबी के अनुसंधान अधिकारी परबत सिंह के समक्ष मूल दस्तोवजों से भिन्न तथ्य इरादतन बयान कर लालचन्द सोनी के विरूद्व फर्जी एवं कूट.रचित बयान दस्तावेज तैयार किये गये है। अनुसंधान कर पत्रावली इन व्यक्तियों के विरूद्व चालान हेतु पुलिस महानिरीक्षक बीकानेर रेंज के समक्ष प्रस्तुत की गई।

पुलिस मुख्यालय द्वारा उपरोक्त चारों व्यक्तियों के विरूद्व भारतीय दण्ड संहिता की धारा 467, 468, 471, 420 एवं 120बी के अंतर्गत अपराध प्रमाणित एवं साबित मानते हुए पत्रावली पुलिस महानिरीक्षक बीकानेर कार्यालय भिजवाते हुए इन अभियुक्तों को गिरफ्तारी के आदेश जारी किये गये है। पुलिस द्वारा ताबड़.तोड़ दबिश देकर सभी अभियुक्तों के गिरफ्तारी के प्रयास तेज किये गये है। इसे पूरे प्रकरण की कमान पवन भदौरिया वृताधिकारी सदर एवं थानाधिकारी सदर स्वयं ने संभाल रखी है।

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