देश की संस्कृति को बचाने व फैलाने की जरूरत : डा. तिवारी

आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial
भारत देश की संस्कृति बहुत धनी लेकिन दुख की बात यह है कि हमारी धरती पर ही हमारी संस्कृति कमजोर पड़ती जा रही है इसलिए यह जरूरी है कि हम अपनी धरती पर अपनी संस्कृति के प्रति आनेवाली पीढ़ी में इसके प्रति जागरूकता लाने के साथ-साथ बाहर के देशों में भी इसके प्रति जागरूकता लाएं।
चेन्नई में वल्र्ड एनआरआई सोशल एंड कल्चरल एसोसिएशन की दक्षिण भारतीय इकाई की पहली बैठक को संबोधित करते हुए इसके अंतरराष्ट्रीय संगठन मंत्री डा. एसपी तिवारी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह हम सब की जिम्मेदारी बनती है कि हम अपनी संस्कृति को बचाएं। इसके लिए जरूरी नहीं कि आप प्रचारक बन जाएं।
आप अपने व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय निकालकर अपने परिवार और आस-पड़ोंस के लोगों को अपनी संस्कृति और पूर्वजों के वीरगाथाओं और कृत्यों के बारे में चर्चा करें। इस संगठन का उद्देश्य अपने संस्कारों को बचाने के साथ-साथ महिलाओं का उत्थान करना है। हमारे जितने भी भारतीय बंधु-बांधव देश के बाहर जिस भी देश में रहते हैं, उन्हें भी इस अभियान में जोडऩे की जरूरत है।
तब जाकर ही भारत विश्वगुरु बन सकेगा। इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय संपर्क प्रमुख, केरल, पुदुचेरी, तमिलनाडु के क्षेत्र प्रमुख गौतम खारीवाल, तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष टी. कृष्णमूर्ति, तमिलनाडु के संगठन मंत्री के. धनंजयन, आंध्रप्रदेश के अध्यक्ष ए. सुब्रमण्यम समेत कई अन्य लोग मौजूद थे।

