अब गौसेवा के कार्यों में लग रोजगार पाएंगे दिव्यांग

तुतुकुड़ी जिला कलक्टर का नायाब तरीका

आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial 

दिव्यांगों के लिए काम तलाशना और उन्हें काम मिलना दोनों ही एक बड़ा पेशोपेश भरा काम है। हर दिव्यांग को सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती और निजी क्षेत्र में आसानी से इन लोगों को मौका नहीं मिलता है। ऐसे लोगों की मदद के लिए तुतुकुड़ी कलक्टर संदीप नंदूरी ने एक बेहद ही अनूठा प्रयास किया है।

उन्होंने ऐसे दिव्यांग लोगों के लिए कैफे एबल नाम से एक दुकान शुरू की है, जिसमें केवल दिव्यांग लोग ही काम करते हैं। यह जिला कलक्टर परिसर में ही शुरू किया गया है जिसे 12 दिव्यांग लोग चलाते हैं। जिला कलक्टर ने इन सभी लोगों को पहले होटल मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दिलवाई और उसके बाद कैफे की दुकान शुरू की है।

जिला कलक्टर से विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि वह यही नहीं रुकने वाले। इस प्रयास के बाद कई दिव्यांग लोग उनसे संपर्क कर रहे हैं और अब उनका अगला प्रयास है कि वह इन लोगों को एक गौशाला की व्यवस्था कर देंगे। ताकि ये लोग गाय की सेवा कर उनके दूध आविन को दे सकें।

इन सभी सुविधाओं की खासियत है कि इन प्रयासों से जो भी पैसे आते हैं उन्हें बैंक में जमा करा दिया जाता है और हर महीने इसी पैसे से इन दिव्यांगों को वेतन दिया जाता है।

जिला कलक्टर के अनुसार हमारा उद्देश्य यह है कि इन विकलांग लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जाए और उन्हें स्वावलम्बी बनाया जा सके।

कैसे हुई शुरुआत

जिले में सप्ताह में एक दिन शिकायत निवारण बैठक का आयोजन होता है जिसमें कई लोग अपनी समस्याएं लेकर जिला कलक्टर के समक्ष आते हैं। इसी बैठक में काफी समय से दिव्यांग लोग अपने लिए रोजगार की मांग को लेकर उनके पास आते थे। जिला कलक्टर बार-बार उन्हें आश्वासन देकर विदा कर देते थे पर उनको इसका कोई निदान नहीं सूझ रहा था। सभी को सरकारी नौकरी दे पाना यह भी संभव नहीं था इसलिए हम इनको रोजगार देने के लिए ऐसे नायाब तरीकों पर काम कर रहे हैं।

मैने पिछले साल सितम्बर महीने में जिला कलक्टर के पास नौकरी के लिए गुहार लगाई थी। दो-तीन बार उनसे इस संबंध में मुलाकात भी हुई। एक दिन अचानक उनके ऑफिस से कॉल आया और हम सभी को आने को कहा गया।

उसके बाद जिला कलक्टर ने हमें इस योजना के बारे में बताया। हम सभी तैयार हो गए जिसके बाद प्रशिक्षण देकर हमें इस काम में लगाया गया है। कन्नन, कैफे एबल

इस योजना के बाद कई दिव्यांग लोग अब हमारे संपर्क में आ रहे हैं। अब इन लोगों को किस प्रकार से प्रशिक्षण देकर किन काम में लगा सकते हैं उस पर विचार कर रहे हैं।

अभी कैफे एबल के बाद गौशाला बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा हम कई और योजना जिसमें दिव्यांगों के लिए रोजगार के अवसर दिए जा सके उस पर विचार कर रहे हैं। संदीप नंदूरी, जिला कलेक्टर

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