समाज को बांटने का काम क्यों कर रही सरकार : हाईकोर्ट

आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial
आदि द्रविडर समुदाय के लोगों के लिए अलग श्मशान घाट आवंटित करने के वेलूर जिला प्रशासन के फैसले पर तंज कसते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार अपने इन प्रयासों से समाज को बांटने का काम कर रही है।
सोशल मीडिया पर हाल ही दलित के शव को दूसरे रास्ते से ले जाने के वीडियो प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए तमिलनाडु सरकार ने यह फैसला लिया जिसके बाद केंद्र सरकार के सहायक वकील द्वारा दायर याचिका दायर की गई।
गौरतलब है एक दलित के शव को वेलूर जिले के नत्रमपाली में दूसरे समुदाय के लोगों ने उनके पारम्परिक श्मशान घाट पर सरकारी रास्ते से जाने पर रोक लगा दी। दिवंगत कुप्पन के रिश्तेदारों का आरोप है कि हिंदू समुदाय के कुछ परिवारों की श्मशानघाट के पास की भूमि से शव को लेने जाने से उन परिवार के लोगों ने मना कर दिया।
उसके बाद गुरुवार को जिला प्रशासन ने दलित समुदाय के लिए आधा एकड़ जमीन श्मशानघाट के लिए आवंटित की। जब अस्पताल, सरकारी इमारत, पुलिस स्टेशन आदि जैसी जगह सभी प्रकार के लोगों के लिए समान होती है तो श्मशानघाट अलग क्यों?
इस घटना के संबंध में कोर्ट ने जिला कलक्टर और तहसीलदार को विस्तृत रिपोर्ट 28 अगस्त तक पेश करने को कहा है। वानियम्बाडी से 20 किमी दूर शनिवार को यह घटना हुई।

