‘सुपरबग्सः द एंड ऑफ एंटीबायोटिक्स?’ प्रदर्शनी की नई दिल्ली में शुरुआत

आईआईएन/नई दिल्ली, @Infodeaofficial 

केन्द्रीय स्वाथ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और केंद्रीय संस्कृति मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रलाद सिंह पटेल ने राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, नई दिल्ली में‘सुपरबग्सः द एंड ऑफ एंटीबायोटिक्स?’ प्रदर्शनी का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी में एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध (एएमआर) तथा एंटीबैक्टीरियल प्रतिरोध की बड़ी चुनौती तथा इस संबंध में पूरी दुनिया के वैज्ञानिक अनुसंधान को दिखाया गया है।

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि आज के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हुए हैं। समय-समय पर बच्चों ने बड़े-बड़े कार्य किये हैं। पोलियो अभियान के दौरान पोलियो सैनिक के रूप में बच्चों ने अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया। डाक्टरों को बहुत सोच समझकर एंटीबायोटिक दवाएं देनी चाहिए।

इस अवसर पर श्री पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी बहुत प्रभावशाली है। उन्होंने कहा कि एंटीबायोटिक ने हमारी प्रतिरोध क्षमता को कम कर दिया है। यह एक गंभीर समस्या हो गई है। एंटीबायोटिक के सीमित प्रयोग के लिये हमें जागरूकता फैलानी चाहिए। इस संबंध में सोशल मीडिया लोगों को जागरूक बना सकता है।

साइंस म्यूजियम ग्रुप, लंदन के सहयोग से राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद ने इस प्रदर्शनी का आयोजन किया है। आईसीआर ने भी इस कार्यक्रम को सहयोग दिया है।

बैक्टीरिया अति सूक्ष्म जीव होते हैं और ये बीमारियां पैदा करते हैं। हाल के वर्षों में बैक्टीरिया, एंटीबायोटिक्स के खिलाफ प्रतिरोधी हो गये हैं और सुपरबग्स बन गये हैं। इन सुपरबग्स से प्रति वर्ष 7 लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है। आशंका जताई गई है कि 2050 तक 1 करोड़ लोग सुपरबग्स से प्रभावित होंगे।

प्रदर्शनी के तीन खंड हैं- माइक्रोस्कोप, मानव और विश्व। माइक्रोस्कोप खंड में बैक्टीरिया की दुनिया को दिखाया गया है। मानव खंड में उन कहानियों को प्रदर्शित किया गया है जिसमें लोगों ने एंटीबैक्टीरिया प्रतिरोध की चुनौती से सामना किया है। इस खंड में दिखाया गया है कि चुनौती का सामना करने के लिये डॉक्टरों, मरीजों, वैज्ञानिकों, अनुसंधानकर्मियों, नर्सों, दवा निर्माताओं, किसानों को साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता है।     

इस अवसर पर एनसीएसएम के महानिदेशक श्री ए डी चौधरी, आईसीएमआर के सचिव एवं डीएचआर व डीजी प्रोफेसर बलराम भार्गव, जैव प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव डा. रेणु स्वरूप, भारत में ब्रिटेन की उप-उच्चायुक्त सुश्री जन थॉम्पसन, साइंस म्यूजियम ग्रुप के एमडी श्री जोनाथन न्यूबी आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इस प्रदर्शनी को भारत चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) तथा ब्रिटिश काउंसिल, भारत ने सहयोग दिया है।

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