कोरोना से लड़ने के लिए खान-पान ठीक करना बेहद आवश्यक

आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial

ब तक कोरोना वायरस का इलाज नहीं निकल जाता तब तक हमें खुद को सुरक्षित रखने के लिए हमेशा साफ-सफाई और सुरक्षा के उपायों पर ध्यान देना होगा।

इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम अपने शरीर में रोग निरोधक क्षमता को कैसे बढ़ा सकें उस पर भी ध्यान देने की जरूरत है। यह तभी संभव है जब हम अपने खान-पान और जीवनशैली पर विशेष ध्यान दें।

यह कहना है डॉक्टर एमजीआर मेडिकल यूनिवर्सिटी उपकुलपति डॉ सुधा सेशैयन का। उन्होंने बताया कि जब तक इस बीमारी का दवा या वैक्सीन नहीं निकल जाता है तब तक जरूरी है कि अपने शरीर में रोग निरोधक क्षमता बढ़ाने वाली खाद्य पदार्थ व दवाओं का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल किया जाए |

डॉ सुधा कहती हैं कि अभी इस विषय पर शोध चल ही रहा है और कोई भी संस्थान या वैज्ञानिक किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुँचे हैं।

उनका यह भी कहना है कि सरकार ने जो लॉकडाउन का कदम उठाया है, वह इस महामारी की कड़ी को तोड़ने का एक सही प्रयास है। आज अगर लॉकडाउन नहीं किया जाता तो हमारे देश में पीड़ितों की संख्या लाखों होती| लेकिन यह फैसला सही समय पर लेने से संक्रमितों की संख्या कम है।

डॉ सुधा कहती हैं कि हमारे पारंपरिक औषधि सिद्धा आयुर्वेद में कई ऐसे दवाईयाँ हैं जो मानव शरीर में रोग निरोधक क्षमता को बढ़ाती है और उसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है।

प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा है कि आयुर्वेद से इस महामारी का हल निकाला जा सकता और मैं इस बात से इनकार नहीं करती हूँ, जरूरत है तो बस एक गहन शोध की।

दक्षिण भारत में कई ऐसे आयुर्वेदिक उत्पाद हैं जिनका इस्तेमाल डेंगू व अन्य महामारी में किया जाता है। यह दवाएँ मानव शरीर में रोग निरोधक क्षमता बढ़ाती हैं|

गौरतलब है कि डॉ सुधा शेषैयन कोरोना को मात देने वाली वैक्सीन पर काम कर रही है, जो कि बायोइनफॉरमैटिक्स प्रणाली का उपयोग करती हैं| जो रिवर्स वैक्सीन मेथडोलॉजी में उपयोग की जाती है।

“रिवर्स वैक्सीनोलॉजी एक नई तकनीक है जिसका उपयोग इन दिनों किया जाता है। किसी भी वायरस के खिलाफ एक टीका विकसित करना एक बोझील प्रक्रिया है।

लेकिन अब आईटी इनपुट के साथ हमारे पास बायोइंफॉर्मेटिक्स और इम्यूनोइंफॉर्मेटिक्स जैसे नए विषय हैं जो कम समय में वायरस के विश्लेषण से गुजरने में हमारी मदद करते हैं। इम्मुनोइन्फोर्मेटिक्स प्रणाली द्वारा, हमारे पास रिवर्स वासिनोलगी नामक एक नई तकनीक है।

लेकिन जबतक इस महामारी का कोई काट नहीं निकल जाता तब तक यह जरुरी है कि हम जितना हो सके उतना अपने घरों से कम बाहर निकलें| भीड़-भाड़ वाले स्थान पर जाने से बचें। बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग जरूर करें।

अपने और दूसरे व्यक्ति के बीच दो गज की दूरी जरूर रखें | सबसे जरुरी बात ये है कि खान-पान ऐसा रखें जिससे शरीर को ताकत मिले और अंदर की रोग निरोधक क्षमता बढे।

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