कचरे से होगी कमाई

निगम कर रहा है प्रयास

आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial 

चरा पृथक्करण के प्रति स्थानीय निवासियों और सफाई कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए महानगर निगम पिछले कई महीनों से प्रयास में लगा हुआ है। इसी प्रयास के तहत उन्होंने रिकवरी सेंटर का गठन किया है, जहां विभिन्न प्रकार के अलग-अलग रंग के वेस्ट बाक्स लगाए हैं जिनमें धातु, रबर, कागज, प्लास्टिक, टेक्सटाइल और कांच रखे जा सकें।

इन बाक्सेज में रखे कचरे को इन केंद्रों से एकत्र कर निगम के वार्ड ऑफिस लाया जाएगा जहां उसे अलग किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद इस कचरे को कचरा उठाने वालों, एनजीओ व वेंडर्स को दुबारा प्रयोग में लाने के लिए दे दिया जाएगा। कारपोरेशन के अधिकारी और सफाई कर्मचारी इस कचरे से व्यवहार में लाए जाने वाले उत्पाद अलग करेंगे।

वलसरवाक्कम में थर्मोकोल के कचरे को कतर कर उससे बीन बैग तैयार किया गया है। सिटीजन कंज्यूमर सिविक एक्शन ग्रुप, अरबन गवर्नेंस के निदेशक सत्यरूपा शेखर का कहना है कि वह स्थानीय लोगों में रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के माध्यम से इन सेंटरों के बारे में लोगों में जागरूकता ला रहे हैं।

वार्ड और जोनल स्तर पर ऐसे केंद्र शुरू किए जा रहे हैं जो करीब 300 और 2000 स्क्वेयर फीट की जगह में बना है। निगम सूत्रों के मुताबिक निगम स्थानीय निवासियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहा है जिसमें वेस्ट मैनेजमेंट के बारे में तकनीकी जानकारी दी जाएगी।

इसके लिए एक ऑफिस तैयार की जा रही है जो डेटा एकत्र करेगी कि किस प्रकार का कचरा है और रिटेल बिक्री केंद्र जहांं से कचरे से बने उत्पाद को बेचा जा सके। कारपोरेशन इंजीनियर का कहना है कि इस आइडिया का मुख्य उद्देश्य कचरा पृथक्करण है। जो लोग सफाई कर्मियों को कचरा नहीं दे पाते यहां आकर जमा कर सकते हैं। इस जमा किए गए कचरे को लैंडफिल में नहीं भेजा जाएगा।

हम एनजीओ और सेल्फ हेल्प ग्रुप की मदद से इस कचरे से ऐसे उत्पाद बनाने के प्रयास में लगे हुए हैं जिसे बाद में बेचा जा सके। कारपोरेशन कमिश्नर जी. प्र्रकाश ने कहा कि जल्द ही एक ऐसी व्यवस्था का गठन किया जाएगा जिससे इस कचरे को उद्योग इंधन के रूप में तैयार किया जा सके।

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