समुद्र की लहरों से बिजली पैदा करने में जुटा आईआईटी मद्रास

आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial 

मुद्र की लहरों से बिजली पैदा करने के प्रयास में आईआईटी मद्रास और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओसीन टेक्नोलॉजी (एनआईओटी) के शोधार्थी काम कर रहे हैं। इसके लिए वे एक बेहतर टरबाइन का निर्माण कर रहे हैं।

इस शोध का नेतृत्व आईआईटी मद्रास के ओसीन इंजीनियरिंग विभाग के डा. अब्दुस समाद कर रहे हैं। इस शोध के बारे में वे बताते हैं कि बिजली की मांग प्रतिवर्ष बढ़ती जा रही है और भारत की लम्बी तटरेखा का हमें फायदा उठाना चाहिए। इसलिए भारत सरकार के समुद्री विकास के साथ मिलकर वर्ष 1983 से काम कर रहे हैं।

इस शोध टीम में अरविंद जार्ज, सुचित्रा रविकुलर और आर. अनंतनारायण शामिल हैं। डा. अब्दुश के अनुसार समुद्र में तरंग ऊर्जा है, जिसमें ऊर्जा होती हैं।

हम ऐसे उपकरण का निर्माण कर रहे हैं जिसके तहत इन असंगत लहर को ऊर्जा में बदला जा सके। यह उपकरण एक टरबाइन है जो यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलेगा। यह टरबाइन बनाना ही बहुत चुनौतीपूर्ण काम था।

इन चुनौतियों को पार करने में दो दर्जन से ज्यादा शोधकर्ताओं को 7 साल से ज्यादा का समय लग गया। अभी भी यह पूरी तरह से तैयार नहीं हुआ है लेकिन इसे जल्द ही तैयार कर लिया जाएगा।

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