महाराष्ट्र राज्यपाल ने समस्त महाजन के मैनेजिंग ट्रस्टी गिरीश जयंतीलाल शाह को अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार “आचार्य चाणक्य-2020” से सम्मानित किया

डॉ. आर. बी. चौधरी, आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial 

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता स्वयंसेवी संस्था समस्त महाजन के मैनेजिंग ट्रस्टी एवं भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के सदस्य, गिरीश जयंतीलाल शाह को आज राज भवन मुंबई में महाराष्ट्र के महामहिम राज्यपाल , भगत सिंह कोश्यारी ने अत्यंत प्रतिष्ठित अवार्ड “आचार्य चाणक्य-2020 ” से सम्मानित किया।

इस सम्मान कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल, राम नाईक सहित कई महान विभूतियां उपस्थित थी। यह सम्मान गिरीश जयंतीलाल साहब को उनके द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं जल समस्या को सुलझाने के लिए किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया है।

यह बता दें कि शाह द्वारा स्थापित संस्था अत्यंत लोकप्रिय स्वयंसेवी संस्था समस्त महाजन के माध्यम से देश में अत्यंत अनुकरणीय काम कर रहे हैं।

संस्था के ट्रस्टी देवेंद्र जैन ने बताया कि गिरीश जयंतीलाल शाह मूलतः गुजरात मैं जन्मे और मुंबई अपनी कर्मस्थली बनाने वाले गिरीश जयंतीलाल शाह पेशेवर व्यवसाई हैं किंतु ,अपने जीवन दिनचर्या की शुरुआत और समापन सामाजिक सरोकार पर आधारित कार्यों से करते है .आप इसी में जीते हैं और इसी में बसते हैं।

आपने इसे सजीव बनाने के लिए आम आदमी से जोड़ने का आधार चुना है-“समस्त महाजन” नामक एक स्वयंसेवी संस्था का .यह संस्था जीव दया के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण ,ग्रामीण विकास ,पशु कल्याण,गौ समरक्षण – संवर्धन तथा जल संरक्षण पर समर्पित भाव से काम कर रही है।. आप आपके कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन से समस्त महाजन संस्था के उल्लेखनीय उपलब्धियों को देखते हुए भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार-” प्रियदर्शनी वृक्ष मित्र अवॉर्ड(2005)”प्रदान किया है।

.इसी क्रम में वोटर हार्वेस्ट के लिए पानी फाउंडेशन के सर्व श्रेष्ठपुरस्कार “सत्यमेव जयते वाटर कप अवॉर्ड(2016)” तथा जीव दया करुणा एवं पशु कल्याण के दिशा में प्रशंसनीय कार्य करने के लिए “जीव रत्न अवॉर्ड(2012)”से नवाजा जा चुका है। पर्यावरण संरक्षण,गौ संरक्षण एवं जीव दया के उल्लेखनीय सेवाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्रालय के तहत कार्यरत भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया है.।

गिरीश जयंतीलाल शाह के जीवन का मूल मंत्र है ग्रामीण जन जीवन की पारंपरिक खेती के तौर-तरीकों को पुनर्जागृत कर गोवंश पर आधारित ऋषि- कृषि परंपरा के जरिए सभी जीव जंतु के संरक्षण, कल्याण का काम करना,गौशाला जैसी संस्थाओं को स्वावलंबी बनाना,जन जागृति एवं प्रशिक्षण देना,प्राकृतिक आपदाओं-विपदा में पशुओं तथा मनुष्यों की सहायता करना,आम आदमी को जल संरक्षण के लिए जागृत करना एवं जल बचाना आदि की समस्याओं को लेकर आम आदमी के बीच में जाना और उनके बीच में काम करना शाह जी की रोजमर्रा की जिंदगी है।

यह कार्यक्रम प्रतिष्ठित एवं अत्यंत लोकप्रिय अंतरराष्ट्रीय स्तर की पाक्षिक प्रकाशन “चाणक्य वार्ता” की ओर से आयोजित किया गया था। यह प्रकाशन अपने एक अंतरराष्ट्रीय अलंकरण कार्यक्रम के तहत देश-विदेश में किए जा रहे सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पित और विशिष्ट व्यक्तियों के अभिनव प्रयास एवं उल्लेखनीय सेवाओं को देने वाले समय-समय पर सम्मानित करता है।

इस अवसर पर महाराष्ट्र विशेषांक प्रकाशित कर इस कार्यक्रम को आयोजित किया जिसका मूल विषय था- “विकास की ओर बढ़ता महाराष्ट्र एवं राज्य की चुनौतियां”. इस अवसर पर समस्त महाजन संस्था की ओर से ट्रस्टी देवेंद्र जैन सहित कई उपस्थित थे।

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