कोरोना के रहश्य से वर्ष 2021 में उठेगा पर्दा

आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial
कोरोना की उत्पत्ति कैसे हुई, यह एक प्राकृतिक पीड़ा है या इसके पीछे किसी देश की साजिश है इन सभी रहस्यों से पर्दा वर्ष 2021 के मध्य में उठ जाएगा।
किसने किसको धोका दिया, इस पुरे चक्रव्यूह की रचना किसने किस उद्देश्य से की इन सभी बातों का खुलासा तभी होगा। यह पूरा घटनाक्रम तीसरे विश्व युद्ध का आगाज है।
यह कहना है चेन्नई के प्रसिद्ध ज्योतिषसश्त्री महेश वर्मा का वह बताते है की तीसरा विश्व युद्ध होगा लेकिन उसमे अभी देरी है। तीसरे विश्व युद्ध में अभी से करीब 7 साल का समय लगेगा। वर्ष 2027 , 2028 और 2029 विश्वभर में उथल पुथल लाएगा।
कोरोना महामारी की उत्पत्ति मानव द्वारा खुद के फायदे को ध्यान में रखकर की गयी है। इसके पीछे बड़ी साजिश है जिसके पीछे व्यावसायिक हित छिपा हुआ है। जून जुलाई में जैसा कहा जा रहा है की कोरोना बीमारी बढ़ेगी वैसा कुछ भी नहीं होने वाला।
वैज्ञानिक और डॉक्टर जो भी दवा करें पर मेरी ज्योतिष विद्या का आंकलन यही कहता है की 29 जून के बाद से भारत में इसका असर काम होने लगेगा।
केतु का योग गुरु के साथ हुआ और उसके साथ सूर्य ग्रहण यह कोई अच्छा योग नहीं बनता। इसी के कारन कोरोना बीमारी की उतपत्ति हुई है।
पिछले साल दिसंबर में सूर्य ग्रहण जब हुआ था तभी मैंने इस बात की भविष्यवाणी कर दी थी की विश्वभर एक बड़ी बीमारी फैलेगी जो विकास चक्र को धीमा कर देगी।
लेकिन 21 जून से फिर से सूर्य ग्रहण लगने वाला है, यह ग्रहण कोरोना महामारी का अंत करने के लिए आ रहा है।
ग्रहण का मिथुन राशि में होने के कारन महामारी की तकलीफ कम होनी शुरू हो जाएगी लेकिन इसका मतलब यह नहीं की हमे सावधानी बरतना छोड़ देना चाहिए। क्योंकि सावधानी घाटी दुर्घटना घाटी।
महेश वर्मा बताते है की इस महामारी का प्रभाव सितम्बर तक रहेगा उसके बाद इसका असर काम होने लगेगा क्योंकि सितम्बर महीने में राहु भगवान् अपनी राशि बदलेंगे।
राहु सितम्बर महीने में गृह परिवर्तन कर वृषभ राशि में आ जाएगा तो उसके बाद भारत में कई चीज़ो में सुधर देखने को मिलेगा।
भारत के पास है कोरोना का इलाज़
आयुर्वेद शास्त्र मे हर प्रकार के रोग की दवा के बारे में पौराणिक कल से जिक्र है है लेकिन तब के भारत और अब के भारत में काफी अंतर है।
इन दवाओं का पहले परिक्षण होना होगा तभी जाकर इसे व्यवहार में लाने की अनुमति मिलेगी। मेरे अनुमान के मुताबिक जून महीने के अंत तक भारत कोरोना का काट करने वाली दवा का आविष्कार कर लिया जाएगा।
अर्थव्यवस्था नहीं रहेगा बड़ा मसला
अर्थव्यस्था को लेकर कई अर्थशास्त्री अपनी अपनी भविष्यवाणी कर रहे है लेकिन इससे इतना डरने की कोई बात नहीं है। देश में निवेश के अच्छे अवसर पैदा होंगे। गांव में कुटीर उद्योग, पशुपालन, डेरी उद्योग, आयुर्वेद अभ्यास में काफी बढ़ोतरी होगी।
अब भारत की प्रगति गावों से होगी। जो आबादी अभी गावों से शहर की ओर पलायन कर रही है और जो सरकार के माजूदा दौर में सबसे बड़ा संकट बन गया है कोरोना प्रभाव के बाद वैसी स्थिति नहीं रहेगी। अधिकांश लोग गांवो में उद्योग व रोजगार करेंगे।
देश में बढ़ेगा विदेशी निवेश
शनि का सप्तम का भावादिपति है व अपनी मकर राशि में होने से विदेशों से भारत में निवेश के अवसर पैदा होंगे और कई विदेशी कम्पनिया यहाँ निवेश करेंगी। जुलाई 2021 तक भारत पहले से बेहतर स्थिति में होगा।
वर्ष 2021 भारत के लिए अच्छे दिन लेकर आएगा। इस बीमारी का क्षय भले ही जल्द न हो लेकिन निकट भविष्य में इस बीमारी का इलाज मिल जाने की सम्भावना है ।

