कोरोना काल में डॉक्टरों की कमाई भी घटी

गुंजन माहोर, INN/Gwalior, @Gunjan44982393
कोरोनावायरस के कारण केवल आम लोगों को नहीं बल्कि डॉक्टर को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही लॉकडाउन के कारण डॉक्टर की आमदनी पर भी काफी असर पड़ा है। यह कहना है होम्योपैथिक डॉक्टर गोविंदराम नागरानी का।
डॉक्टर गोविंद राम नागरानी होमियोपैथी के डॉक्टर है। उनका कहना है की लॉकडाउन में लोगों का घरों से बहार निकलना मुश्किल हो गया था, हालाँकि ऐसे माहौल में मेडिकल प्रैक्टिसनर और फार्मासिस्ट पर किसी प्रकार की कोई पाबंधी नहीं थी। लेकिन कोरोना काल में बहुत कम ही लोग हमारे पास इलाज के लिए आते थे।
जो लोग आते थे उनमे ज्यादातर मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, मामूली बुखार आदि के मरीज होते थे। इनमे से ज्यादातर मरीज ऐसे होते थे जो गरीब तबके के अशिक्षित लोग होते थे जिन्हे कोरोना और उसके संक्रमण के बारे में कुछ जानकारी नहीं होती थी।
ये लोग बिना मास्क लगाए क्लिनिक पर चले आते है, यहाँ हम उन्हें पहले इस बात की जानकारी देते थे की आप पहले मास्क, गमछा या तौलिया मुँह पर लपेट कर कही बाहर निकले। एक उचित दूरी बनाकर उनसे उनकी समस्या पूछते और साथ ही लक्षण देखकर उन्हें दवाई देते हैं।
लॉकडाउन के पहले तो हमारे पास नॉर्मल खांसी जुकाम के मरीज बुखार के मरीज आ रहे थे लेकिन जैसे ही यह नियम लागू हुआ कि कोई भी खांसी जुकाम का मरीज आने पर उसका नाम पता उसकी पूरी की पूरी जानकारी नोट करनी होगी साथ ही इसकी खबर हायर अथॉरिटी को भी देनी पड़ेगी। इसके बाद से कोई भी खासी जुखाम के मरीज आने बंद हो गए।
इस कोरोना काल में मौसम परिवर्तन के कारन कुछ लोग मामूली जुकाम से भी डर जाते है। ऐसे लोगों को समझा पाना काफी मुश्किल हो जाता है। कई लोगों पर यह मानसिक रूप से बुरा प्रभाव चोरटी है। अब कुछ ही दिनों पहले मेरे पास एक कॉल आया जिसमे एक युवती यह पूछ रही थी की उनके परिवार में एक व्यक्ति को खांसी जुकाम है, क्या हमे इसके लिए टेस्ट करना होगा ?
क्या हमारे पूरी परिवार को कोरोना जांच करनी होगी? हमे कितने दिनों तक क्वारंटाइन में रखा जाएगा ? क्या इसका इलाज संभव है ? हम सब ठीक हो पाएंगे या नहीं ? बाद में मैंने उस युवती से पूछा की जिस व्यक्ति को खांसी जुकाम है क्या उसे साँस लेने में कोई तकलीफ हो रही है, उसने इस बात से इंकार कर दिया।
फिर मैंने उसे सलाह दी की उस व्यक्ति को घर में किसी कमरे में अकेले रखा जाया और समय समय पर दवाई और भोजन दिया जाया। अगर स्थिति में कोई सुधर नहीं आता है तो फिर उसे किसी सरकारी अस्पताल ले जाना होगा। कुछ दिनों बाद वह व्यक्ति ठीक हो गया और पुरे परिवार ने राहत की साँस ली।
वह कहते है मौजूदा समय में कोरोना से बचना है तो घर से जितना कम हो सके उतना बहार निकले। बहार निकलते समय मास्क का प्रयोग जरूर करे। अपने साथ सेनेटॉयजर जरूर रखे और समय-समय उससे अपना हाथ और मोबाइल जरूर साफ़ करे। ऐसे उपायों को इस्तमाल में लेकर आप कोरोना के प्रभाव से बच सकते है।


Accha likha h…👏👏👏