भाजपा के मंत्री को हिंदी प्रचार सभा की कमान मिलते ही शुरू हुआ स्वच्छता अभियान

खबर का असर

नए अध्यक्ष वी. मुरलीधरन ने शुरू किया भ्रष्टाचार उन्मूलन मठाधीश आर.एफ नीरलकट्टी एवं उसके बेटे को दिखाया बाहर का रास्ता

सतीश कुमार श्रीवास्तव, INN/Chennai, @Satishgnaitik

केंद्र की भाजपा सरकार में मंत्री एवं राज्यसभा सांसद वी. मुरलीधरन ने टी. नगर स्थित समूचे दक्षिण भारत के हिंदी प्रचार-प्रसार की सबसे बड़ी संस्था दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, मद्रास का अध्यक्ष पद संभालते ही सफाई अभियान शुरू कर दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी के नारे स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत को नए दृष्टिकोंण से देखते हुए इन दिनों वे यहाँ के भ्रष्ट अधिकारियों एवं पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाने में लगे हुए हैं।

अपने सफाई अभियान के इस क्रम में सबसे पहले उन्होंने सौ साल से भी अधिक पुरानी संस्था में पिछले दो दशकों से भी अधिक समय से मठाधीशी कर रहे पूर्व समकुलपति एवं कार्याध्यक्ष आर.एफ. नीरलकट्टी एवं उसके पुत्र तथा संस्था की प्रांतीय शाखा कर्नाटक, धारवाड़ के कार्याध्यक्ष शिवयोगी को उनके पद से हटाकर घर भेज दिया।

गौरतलब है कि पिछले कई सालों से संस्था की सत्ता पर काबिज़ आर.एफ. नीरलकट्टी ने अपने रसूख के दम पर जमकर उत्पात मचाया।

संस्था में अपने भ्रष्टाचार की जड़ें जमाने के लिए उसने कई महत्वपूर्ण पदों पर अपने खास आदमियों को तैनात कर रखा था।

इसका सबसे बड़ा प्रमाण उसके बेटे शिवयोगी का प्रांतीय शाखा कर्नाटक, धारवाड़ का कार्याध्यक्ष बनाना है।

दरअसल पछले कई सालों से उसका नाम संस्था के कर्मचारियों के लिए आतंक का पर्याय बन चुका था। अपने खिलाफ बोलने वाले को परेशान करने के लिए वह और उसके गुर्गे तमाम तरह के हथकंडे अपनाते थे।

hindi.infodea.in ने दो साल पहले किया था खुलासा

संस्था के एक सामान्य कर्मचारी से समकुलपति पद पर पहुंचने वाले आर.एफ. नीरलकट्टी ने संस्था को जैसे भ्रष्टाचार का पर्याय बना कर रख दिया। अपने कार्यकाल के दौरान उसने संस्था के नाम पर कई ऐसे पाठ्यक्रमों का भी संचालन किया जो असंवैधानिक थे।

हालांकि संस्था के कुछ कर्मचारियों एवं हितचिंतकों ने समय-समय पर उसके भ्रष्टाचार एवं अनियमितता के खिलाफ आवाज़ उठाने की कोशिश की लेकिन या तो उनकी आवाज़ को दबा दिया गया या उन्हें संस्था से बाहर कर दिया गया।

आलम यह था कि उसके भय के चलते कोई भी उसके खिलाफ मुँह तक खोलने के लिए तैयार नहीं होता था।

अपने खिलाफ बोलने वाले कर्मचारियों के लिए उसने स्थानांतरण एवं निलंबन से लेकर नौकरी से निकालने तक का इंतजाम कर रखा था।

गौरतलब है 31 मई 2018 को हमारे ऑनलाइन न्यूज पोर्टल hindi.infodea.in ने इसके भ्रष्टाचार का विस्तृत खुलासा किया था।

भ्रष्ट सचिव सी. एस. हौसगौडर भी हुआ निलंबित

अपने स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने नीरलकट्टी के अति विश्वसनीय, सलाहकार एवं संस्था में आर्थिक अनियमितता के पर्याय सी. एस. हौसगौडर को भी हैदराबाद स्थित संस्था की आंध्र शाखा के सचिव पद से निलंबित कर उसके खिलाफ जाँचिया कार्रवाई शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा गठित दास गुप्ता समीक्षा समिति ने 26 फरवरी 2006 को सौंपी अपनी रिपोर्ट में सी. एस. हौसगौडर को वित्त सचिव का फर्जी हस्ताक्षर कर धारवाड़ के सिंडिकेट बैंक से रु. 68000/- गमन करने का आरोपी मानते हुए उसे बर्खास्त करने की सिफारिश की थी लेकिन नीरलकट्टी के आशीर्वाद के चलते आगे चलकर इसे पद से हटाने बजाय वित्त सचिव एवं प्रांतीय सचिव की जिम्मेदारी दे दी गई।

उल्लेखनीय है कि हमारे ऑनलाइन न्यूज पोर्टल hindi.infodea.in ने 16 अगस्त 2018 को भी यहाँ की अनियमितता को उजागर करते हुए केंद्र सरकार से संस्था के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ जाँच एवं कानूनी कार्रवाई को जरूरी बताया था।

फिलहाल इन दोनों भ्रष्ट अधिकारियों एवं पदाधिकारियों के बाहर किए जाने से संस्था के कर्मचारियों में संतोष एवं उल्लास का माहौल है।

इस सफाई अभियान के लिए कई हिंदी सेवियों ने नए अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया।

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