मोबाइल एप्प के माध्यम से कर सकेंगे कोरोना जांच

आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial

कोरोना जैसे महामारी विश्व, देश और लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। इससे बचने के लिए लॉक डाउन की घोषणा की गयी जिसमे अब धीरे धीरे छूट दी जा रही है। इस छूट की आशा लोगों को काफी दिनों से थी लेकिन ये छूट लोगों के लिए परेशानी का सबब भी बन सकती ह।

इस बीमारी का अबतक कोई इलाज या टिका नहीं निकला है। अब ऐसी परिस्थिति में यह हमारी जिम्मेदारी बनती है की हम जितना हो सके बाहर अकारण निकलने से बचे, सुरक्षा उपायों को व्यवहार में लावें और जितना हो सके उतनी सावधानी बरते ताकि खुद और दूसरो को इस महामारी से बचाया जा सके।

आम लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या यह है की वह कैसे खुद की समय-समय पर कोरोना जांच कराएं। यह कैसे पता लगाएं की आपके निकट से गुजरने वाला व्यक्ति कोरोना के लक्षण का शिकार है या नही। इसका हल आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्रों ने खोज निकला है।

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास-इनक्यूबेट स्टार्ट-अप म्यूज वियरेबल्स स्किन टेम्परेचर, हार्ट रेट और ब्लड ऑक्सीजन सैचुरेशन (SpO2) सेंसिंग के साथ कलाई पर आधारित ट्रैकर विकसित कर रहा है। यह डिवाइस मानव शरीर के नब्ज को लगातार दूर से ट्रैक कर सकता है जो COVID-19 लक्षणों के शुरुआती निदान में मदद करेगा।

म्यूज वियरेबल्स के सह संस्थापक व मुख्य उत्पाद अधिकारी अजय यतीन्द्र बताते है की ट्रैकर एप्प ब्लूटूथ से काम करता है और इसे मोबाइल फोन से म्यूज हेल्थ ऐप के माध्यम से जोड़ा जा सकता है।

यह ट्रैकर आरोग्य सेतु ऐप से सूचनाएं प्राप्त कर सकता है और जब वह कोविड कंटेनर जोन में प्रवेश करता है, तो उपयोगकर्ता को अलर्ट जारी कर देगा। वह बताते है कि अगले 20 दिनों में इस उत्पाद को अंतिम रूप दे पहले बैच को जारी किया जा सकता है।

कंपनी की मुख्या सञ्चलन अधिकारी और हार्डवेयर इंजीनियरिंग की प्रमुख के प्रत्युषा का कहना है की इस उत्पाद के साथ हमारा मुख्य उद्देश्य उन रोगियों की पहचान करना जो की कोविद-19 के लक्षणों से ग्रसित है ताकि वैसे लोगों का इलाज अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके। हम त्वचा और परिवेश के तापमान, हृदय गति और गति संवेदन से शरीर के तापमान का अनुमान लगाने के लिए एल्गोरिदम विकसित कर रहे हैं।

निरंतर तापमान और SpO2 निगरानी के साथ, कोरोनोवायरस संक्रमण का प्रारंभिक लक्षण का पता लगाने में सक्षम होंगे। यह आम जनता को फिटनेस ट्रैकिंग और स्लीप ट्रैकिंग के साथ सक्रिय स्वास्थ्य निगरानी के लिए भी मदद करेगा। हम जून 2020 के अंत तक इस एप्प को बाजार में उतरने का लक्ष्य बना रहे हैं।

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