मेडिकल स्टोर्स को दवाइयों का रिकॉर्ड रखने पाबन्द किया जाए – पी पी चौधरी

आईआईएन/नई दिल्ली, @Infodeaofficial
पिछले कुछ दिनों में प्रदेश भर में कोरोना बीमारी से पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण रोकने के लिए जो कदम उठाए जा रहे हैं, उनसे काफी हद तक कोरोना को रोकने में मदद मिली है लेकिन प्रदेश भर में विभिन्न मेडिकल शॉप या फार्मसी की दुकानों से कोल्ड सिरप एवं बुखार की दवाइयों की बिक्री पर नजर एवं रिकॉर्ड रखना आवश्यक है।
पाली सांसद एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री पीपी चौधरी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर खांसी, जुकाम, बुखार को लेकर विभिन्न मेडिकल स्टोर से आमजन को दी जाने वाले दवाइयों और दवाई प्राप्तकर्ता के संबंध में विस्तृत रिकॉर्ड को आवश्यक रूप से रखने के लिए पाबन्द करने का सुझाव दिया हैं।
पत्र में चौधरी ने यह भी बताया कि यह दवाइयां कौन खरीद रहा है, लगातार किसके परिवार में ऐसी दवाइयों की जरूरत पड़ रही है, उन पर नजर रखकर उनका कोरोना टेस्ट किया जा सकता है। ऐसा करके कोरोना की रोकथाम के लिए एक नया कदम उठाया जा सकता है। इस प्रकार का कार्य आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सरकार द्वारा भी किया जा रहा है।
चौधरी ने खांसी जुकाम बुखार जैसी दवाइयों के जारी करने संबंधी रिकॉर्ड को रखने पर बल देते हुए बताया कि इस पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में राजस्थान प्रदेश के लिए एक बड़ी मुसीबत बन सकता है।
प्रदेश के लोगों के स्वभाव अथवा एक आदत के परिदृश्य में देखे तो यहां के लोग अधिकांशत घरों में रह कर छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज कर लेते हैं।
ऐसे में कोरोना के प्रारंभिक लक्षण जैसे खांसी, जुकाम, बुखार के दौरान यह लोग बिना किसी तरह की जांच कराएं मेडिकल दुकान दवाईयां लेकर अपना काम चला लेते हैं। उन्हें यह ज्ञात नहीं हो पाता कि वे कोरोना से पीड़ित है या नहीं।
ऐसी परिस्थिति में सांसद ने राज्य सरकार से प्रदेश में कोरोना संक्रमण के भविष्य में हालात विकट न हो इसके लिए खांसी, जुकाम, बुखार के मामले में आमजन को मेडिकल स्टोर से दी जाने वाली दवाईयों के संबंध में कंपल्सरी रिकॉर्ड रखने हेतु आवश्यक सरकारी कार्य योजना लागू करने का अनुरोध किया हैं।

