घर जाने की आस में आंध्र प्रदेश के मजदूरों को मिली घोर निराशा

विक्रम जैन, आईएनएन/आंध्र प्रदेश, @Jainvikaram18
देशभर में फँसे मजदूरों की घर वापसी के लिए कई जगहों से स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया गया है। सबसे पहली ट्रेन तेलंगाना से झारखण्ड के लिए चली। उस ट्रेन से लगभग 1200 मजदूरों की घर वापसी हुई ।
देश के अन्य राज्य जैसे केरल, तमिलनाडु, गुजरात, इत्यादि से भी बिहार और उत्तर प्रदेश के मजदूरों को वापस बुलाया जा रहा है ।
लेकिन इसी बीच आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से एक खबर आ रही है कि वहाँ फँसे बिहार के मजदूरों के लिए गत बुधवार को एक ट्रेन चलाई गयी थी। बाकि बचे मजदूरों को अब लौटने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रहीं हैं।
सरकारी दफ़्तर के चक्कर लगा-लगा कर सभी मजदूर थक गए हैं पर उनकी सुनवाई के लिए कोई नहीं है। उनके लिए जो दूसरी विशेष ट्रैन चलनी थी उसे बिना कारन बताये रद्द कर दिया गया।
श्रमिक विजेंद्र कुमार ने बताया की लॉक डाउन की वजह से वह नेल्लोर में फस गए है। वह अपने घर वापिस जाना चाहते पर इस के लिए प्रशाशन की ओर से उन्हें कहा गया की एक आवेदन पत्र भर कर देना होगा।
उस के बाद उनकी कोरोना जाँच कर उनके घर भेजने की व्यवस्था की जाएगी। वह काफी दिनों से तहसीलदार कार्यालय के बहार बैठे है लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई भी नहीं है।
बिहार के मूलनिवासी राजू बताते हैं कि उनके साथ महिलाएं और बच्चे भी हैं। प्रशासन खाने-पीने के लिए कुछ भी मुहैया नहीं करा रही है। साथ ही साथ घर भेजने के लिए 860 रूपये माँग रही है।
जबकि गृह मंत्रालय द्वारा ये आदेश जारी किया जा चूका है कि मजदूरों से भाड़ा नहीं वसूला जाएगा। सारा खर्च केंद्र और राज्य सरकार मुहैया करायेगी।

