सार्वजनिक स्थल पर बैनर लगे तो मुख्य सचिव होंगे दोषी : हाईकोर्ट

आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial 

सार्वजनिक स्थलों पर अब यदि अवैध रूप से बैनर लगता है तो उसके लिए सीधे तौर पर मुख्य सचिव ही जिम्मेदार होंगे। सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर-बैनर लगाने पर काबू न पाने पर चेन्नई कारपोरेशन और अन्य सरकारी अधिकारियों से मद्रास हाईकोर्ट ने कहा इस मामले में यदि कोर्ट के आदेश की अवहेलना हुई तो उसके लिए मुख्य सचिव को ही दोषी माना जाएगा।

समाजसेवी ट्राफिक रामासामी की याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट के जज एम. सत्यनारायणन और जज बी. पुगलेंदी की खंडपीठ ने मुख्य सचिव को निर्देश देकर कहा कि मुख्य सचिव जिला कलेक्टर और अन्य संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में सूचित करंे ताकि कोर्ट के आदेश की अवहेलना न हो।

सरकारी वकील से जब इस संदर्भ में सवाल किया गया कि ऐसा करने से रोकने के लिए क्या उपाय किए गए हैं तो जवाब मिला कि पुलिस और कारपोरेशन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। कोर्ट ने कहा इस मामले में दोष मुख्य रूप से कारपोरेशन का होता है। सरकारी वकील द्वारा इस संदर्भ में समय मंागने पर कोर्ट ने एक महीने की अंतिम मोहलत दी है।

गौरतलब है कि कोयम्बेडु से पूंदमल्ली तक एआईएडीएमके कार्यकर्ताओं द्वारा 70 बैनर लगाए जाने की घटना पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि बैनर जब लगा ही दिया गया तो कोर्ट के आदेश की कोई अहमियत नहीं रही। वहां बैनर लगाने की अनुमति कैसे और किसने दी। पुलिस व अन्य अधिकारी क्या कर रहे थे। मामले की अगली सुनवाई 13 सितम्बर तक के लिए टाल दी गई है।

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