लॉकडाउन के बाद बढ़ने लगे किराये

गुंजन माहोर, INN/Gwalior, @Gunjan44982393
करीब दो महीने के लॉक डाउन के बाद बस, टैम्पो, ई-रिक्शा और टमटम सेवाए तो शुरू हुई लेकिन सरकारी दिशा निर्देश का पालन किया जाया तो इनके लिए दिन भर की कमाई घर परिवार चलने के लिए पूरी नहीं पड़ेगी।
दो महीने तक बिना आमदनी के कैसे घर चला है यह हमसे बेहतर और कोई नहीं समझ सकता। यह कहना है ऑटो चलने वाले मोंटी का। मोंटी बताते है की लॉक डाउन के दौरान उन्होंने अपने सभी दोस्त, सेज सम्बन्धियों से पैसे लेकर काम चलाया अब उन लगों को कैसे भी कर के पैसे वापस करना है।
स्थानीय परिवहन के लिए सरकार द्वारा कुछ दिशा निर्देशों जारी किये गए है। जैसे मोटरसाइकिल में एक व्यक्ति ही बैठेगा, ऑटो में दो व्यक्ति, टेंपो में चार व्यक्ति व टमटम में दो सवारी ले जाने की इजाजत दी गई है। वाहनों को शहर से बाहर जाने के लिए ऑनलाइन पास लेना आवश्यक है। कुछ ऐसे लोग है जो इन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर डबरा क्षेत्र में बसों को चलाने की भी अनुमति दे दी गई है। लेकिन इसके बावजूद भी बस चालक बस चलाने के लिए तैयार नहीं है। उनका कहना है कि सरकार की तरफ से उन्हें यह आदेश मिला है कि वह 60 लोगों की बस में केवल 31 लोग बिठा सकते हैं। लेकिन बस चालक इस बात के लिए बिल्कुल भी राजी नहीं है।
उनका कहना है कि अगर उन्होंने 30 लोगों कि बस को चलाया। तो उन्हें बस का किराया भी निकल पाना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए उन्होंने प्रशासन से बस के टिकट बढ़ाने की मांग की है। सभी बस चालकों ने मिलकर निर्णय लिया है कि जब तक टिकट की कीमते नहीं बढ़ जाए वे बस नहीं चलाएंगे।
वही पहले के मुकाबले, टेंपो ऑटो, ई-रिक्शा आदि का किराया बढ़ा दिया गया है। अगर बस और ओला कैब का भी किराया बढ़ा दिया गया तो इसका सीधा सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।
सवाल यह है कि लॉकडाउन के दौरान सभी की आमदनी रुकी हुई थी। अब जब आम जनता इन संसाधनों का उपयोग करेगी तो पहले के मुकाबले दोगुने पैसे देने पड़ेंगे। जिसके कारण आम जनता के जेब पर इन बढे किराये का असर देखने को मिलेगा।

