ग्राम पंचायत केंद्र की गोशाला को मॉडल गौशाला बनाने के लिए कवायद शुरू

गौ सेवा आयोग उत्तर प्रदेश ने गौशालाओ के माध्यम से गांव को आत्म निर्भर बनाने के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों और गांव-वालों के साथ बैठक की

डॉ. आर. बी. चौधरी, INN/Uttar Pradesh, @Infodeaofficial

त्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की ग्राम पंचायत केंद्र की गोशाला को आत्म निर्भर बनाने की संभावनाओं और गांव के किसानों तथा गो पालकों को गाय से प्राप्त पंचगव्य आधारित उत्पादों की उपयोगिता को प्रभावी बनाने के लिए एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में गोवंश से लाभ और गांव को आत्म निर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं से अवगत कराया गया।

गोसेवा आयोग के सचिव डॉ.अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि गाय हमारे जीवन में बहुत उपयोगी है। गाय से हमें जो गोबर मिलता है उससे कई प्रकार के उत्पाद तैयार किये जा रहे हैं जैसे उपले, गमले, धूपबत्ती,मूर्तियां आदि बनाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार कर वन और उद्यान विभाग को बेच कर आमदनी को बढ़ाया जा सकता है उन्होंने कहा कि गोमूत्र से कीड़े मारने की दवा तैयार कर सकते हैं।

उन्होंने सरकार द्वारा गायों के भरण— पोषण के ​लिए किसानों को मिलने वाली सुविधाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग ने पैरावेट के माध्यम से सैकड़ों युवकों को रोजगार से जोड़ा गया है। इसके अलावा पशुपालन विभाग नि:शुल्क टीकाकरण भी करता है।

जिला उद्यान अधिकारी मीना देवी ने किसानों को अवगत कराया कि सरकार पॉली हाउस, नर्सरी तैयार करने, प्रोसेसिंग प्लांट लगाने के लिए अनुदान दे रही है। इसके अलावा सब्जी, फल, फूल, आदि के लिए भी कई योजनाओं के माध्यम से किसानों को अनुदान प्रदान किया जाता है। इसके लिए कृषि अथवा उद्यान विभाग में पंजीकरण अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि आम,अमरूद, केला और पपीता पर अनुदान दिया जा रहा है कोई भी किसान इसका लाभ उठा सकता है। उन्होंने मधुमक्खी पालन,पौधरोपण बागवानी आदि पर प्रकाश डालते हुए लोगों को आत्म निर्भर बनने के उपाय बताए।

बैठक को सम्बोधित करते हुए सहायक विकास अधिकारी कृषि राम औतार गुप्ता ने कहा कि किसानों को ​कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य है। तभी किसानों को बीज,उपकरण,आदि पर सब्सिडी दी जाती है।

बैठक को सम्बोधित करते हुए ने कहा कि किसान की मेहनत पर सभी निर्भर हैं फिर भी किसानों को धनवानों द्वारा किस तरह तिरस्कृत किया गया है, यह तो इस लॉकडाउन ने उद्योगपतियों और पूॅंजी पतियों को इस बार दिखा दिया। पूंजी-पति मेहनत करने वालों को गुलाम बनाकर रखना चाहते हैं।

जबकि वह यह भूल जाते हैं कि मजदूरों के बिना उनके कारखाने में कुछ हो नहीं सकता। दूसरी ओर इनमें एकता न होने का फायदा उठाकर यह मजदूरों को मनमाने तरीके से इस्तेमाल करते हैं। बैठक को सम्बोधित करते हुए वन विभाग के राजेन्द्र यादव ने कहा कि उनका विभाग नि:शुल्क वृक्षारोपण करा रहा है।

इस अवसर पर यूनाइट फाउण्डेशन के अध्यक्ष डॉ. पी.के त्रिपाठी, उपाध्यक्ष राधेश्याम दीक्षित, प्रदीप कुमार, डॉ. सुरेश चन्द, अमरेन्द्र मोहन, डॉ. मुकेश कुमार, उद्यान निरीक्षक आरती वर्मा, ग्राम प्रधान राजेन्द्र मौर्य, सचिव सत्य प्रकाश, डॉ. संजय यादव, आदि उपस्थित थे।

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