कोरोना संक्रमण से बचने के लिए जागरूकता बहुत जरुरी

विष्णुदेव मंडल, INN/Chennai, @Infodeaofficial
तमिलनाडु में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 44 हजार के पार पहुंच चुकी है। चेन्नई में भी हर रोज हज़ार से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। मृतकों की संख्या पहले की अपेक्षा तेजी से बढ़ रही हैं। सिर्फ चेन्नई में कविड-19 से संक्रमित मरीजों की संख्या ३४,000 से पार हो चुका है।
तमिलनाडु सरकार और ग्रेटर चेन्नई कारपोरेशन के लाख कोशिशों के बावजूद कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में कमी नहीं आ रही है। वही कोरोना पॉजिटिव मरीजों के इलाज के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में बेड और वेंटिलेटर की संख्याओं में भारी कमी है।
जहां सरकारी अस्पतालों में महज 2690 बेड उपलब्ध है वही प्राइवेट अस्पतालों में 4641 बेड उपलब्ध है। जबकि २७९० कोबिड हेल्थ केयर सेंटर बनाए गए हैं।
लेकिन जिस प्रकार हर दिन हजारों की संख्या में लोग कोविड-19 महामारी से पीड़ित हो रहे हैं ऐसे में यह कयास लगाया जा रहा है की यदि सरकार और सामान्य नागरिक इस महामारी को रोकने के लिए जागरूक नहीं होंगे तो चेन्नई महानगर को भी बुहान बनने में देर नहीं लगेगी। देश के आर्थिक महानगर मुंबई पहले से ही बेहाल है, दिल्ली महानगर की स्थिति अच्छी नहीं हैं।
ऐसे में चेन्नई महानगर को कोरोना से कम्युनिटी संक्रमण रोकने के लिए जागरूकता बहुत ही जरूरी हो गया है। चेन्नई वासियों का कहना है की सरकार ने शुरू से ही कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए मुस्तैदी के साथ जागरूकता नहीं दिखाई,यही वजह है की महानगर में हर दिन हजारों की संख्या में कोरोना महामारी के नए मामले सामने आ रहे है।
वार्ड वाइज जागरूकता फैलाएं निगम
शक्तिवेल नगर निवासी आनंद श्रीवास्तव के अनुसार कोविड-19 मरीजों की संख्या बढ़ने के प्रति आमजन का लापरवाही है।
महानगर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 34000 के ऊपर पहुंच चुकी है।
हर दिन दर्जनों से भी अधिक लोग मौत के शिकार हो रहे हैं।
ऐसे में सरकारी गाइडलाइन का पालन नहीं करना महानगर को कम्युनिटी संक्रमण की तरफ धकेल रहा है। तमिलनाडु सरकार और ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन की जिम्मेदारी बनती है वह वार्ड वाइज जागरूकता फैलाएं और बेवजह घूमने वाले बाइक सवार को जुर्माना लगाएं।
फिल्म अभिनेता और खेल जगत के लोगों के माध्यम से फैलाये जागरूकता
मरायमलाई नगर निवासी पंकज कुमार झा के अनुसार चेन्नई में 3 मई के बाद तमिलनाडु सरकार आवश्यकता से अधिक रियायतें दे दी लोग बेखौफ सड़कों पर विचरण करने लगे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करना और सार्वजनिक स्थानों पर बिना मास्क लगाए जाना ही इस महामारी को बढ़ाया है!
सरकार को अब इस महामारी को कम्युनिटी संक्रमण रोकने के लिए नए सिरे से सभी जोनों में जागरूकता अभियान चलाना चाहिए! फिल्म अभिनेता और खेल जगत के लोगों को भी कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जागरूकता अभियान में शामिल होना चाहिए।
लॉक डाउन संक्रमण में ला सकता है कमी
सोनी तिवारी का कहना है केंद्र सरकार द्वारा अनलॉक वन की घोषणा होते ही महानगर पूर्णरूपेण अनलॉक हो चुका है।
महानगर के सभी दुकानें बाजार मेगामॉल खुल चुके हैं, राज्य सरकार की मजबूरी है कि वह आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए बाजार खोल दिए हैं लेकिन सरकार ने आमजन को इस महामारी की गंभीरता के प्रति किसी प्रकार के जागरूकता अभियान नहीं चलाया।
सरकार ने दुबारा लॉक डाउन की जो घोसना की है उससे शायद इन मामलों पर लगाम लगाने में सहूलियत मिले।
करना संक्रमण से बचना है तो आमजन की भी जिम्मेदारी बनती है की वह हाथों की नियमित अंतराल में साफ करें,सैनिटाइजर का प्रयोग समय-समय पर करते रहे। खांसी और छीक आने पर रुमाल और टिशू पेपर से नाक ढके, कोल्ड और खांसी आने पर काढ़े का सेवन करना चाहिए।
जिन रोगियों कोरोना महामारी का लक्षण महसूस हो उन्हें नजदीक के सरकारी अस्पतालों में जांच कराना चाहिए अथवा अपने घर में ही क्वारंटाइन हो जाना चाहिए। क्योंकि जागरूकता इस महामारी से बचने का बेहतर उपाय है।

