अंधिविश्वास के कारण बच्चों को मिट्टी में गाड़ा

आईआईएन/कर्नाटक, @Infodeaofficial 

र्नाटक के गुलबर्ग जिले से एक हैरतअंगेज घटना सामने आई है। गुरुवार के दिन जब लोग सुर्यग्रहण को देखने में व्यस्त थे उसी दौरान गुलबर्ग के कलबुर्गी में एक अंधविश्वास भरी प्रथा का नजारा देखने को मिला।

यहां लोग अपने विकलांग बच्चों को गर्दन तक जमीन के अंदर गाड़ रखे थे। लोगों का मानना है कि सूर्यग्रहण के दौरान अगर बच्चों को जमीन के अंदर गर्दन गाड़ दिया जाय तो उनकी विकलांगता दूर हो जाती है।

इलाके में छह विकलांग बच्चों को तीन घंटे के सूर्य ग्रहण के दौरान मिट्टी के अंदर गाय के गोबर के साथ गाड़ दिया गया था। इनमें से एक अभिभावक का कहना है कि सूर्यग्रहण के दौरान इन बच्चों को मिट्टी के अंदर गोबर के साथ गाडऩे से विकलांग बच्चे ठीक हो जाते हैं। हामारे यहां यह प्रथा काफी समय से चलती आ रही है।

इस बारे में जब प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी मिली तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर बच्चों को बाहर निकाला। येे बच्चे मिट्टी के नीचे दबे होने के कारण कराह रहे थे। इन बच्चों को तुरंत सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उनकी जांच की गई कि बच्चे स्वस्थ है या नहीं।

इन बच्चों को अभी सरकारी बाल मंदिर में रखा गया है, इन बच्चों के साथ आगे क्या करना है इसपर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इलाके के एक डाक्टर ने इन बच्चों के मुफ्त ईलाज का आश्वासन दिया है। कलबुर्गी, गुलबर्ग, कर्नाटक, अंधविश्वास, सूर्यग्रहण, कर्नाटक, आस्था

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