लॉक डाउन में तमिल वासियों ने मनाया नव वर्ष

आईआईएन/नई दिल्ली, @Infodeaofficial

पुत्तांड जिसे पुथुरूषम या तमिल नव वर्ष भी कहा जाता है, तमिल कैलेंडर पर वर्ष का पहला दिन है। तमिल तारीख को तमिल महीने चिधिराई के पहले दिन के रूप में, लन्नीसरोल हिंदू कैलेंडर के सौर चक्र के साथ स्थापित किया गया है। इसलिए यह हर साल ग्रेगोरियन कैलेंडर के 14 अप्रैल या उसके आस पास ही मनाया जाता हैं।

इसी दिन असम, पश्चिम बंगाल, केरल, मणिपुर, त्रिपुरा, बिहार, ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान में कई हिंदुओं और साथ ही नेपाल में हिंदुओं द्वारा पारंपरिक नए साल के रूप में मनाया जाता है। बांग्लादेश, श्रीलंका, म्यांमार, कंबोडिया, लाओस, थाईलैंड के कई बौद्ध समुदाय एवं श्रीलंका का सिंहली समुदाय भी इस दिन को अपने नए साल के रूप में मानते हैं।

तमिल नव वर्षा के दौरान लोग मंदिरों में जाकर भगवान् की पूजा करते है और अच्छे भोजन व मिष्ठान बना परिवार के साथ मिलकर इसका मजा लेते है। कोरोना महामारी के कारन इस बार इस पर्व को धूम धाम से नहीं मनाया जा सका। लेकिन लोगों ने घरों में रहकर इस त्यौहार को मनाया।

तमिल नव वर्षा के दौरान तमिल फिल्म सुपर स्टार रजिनिकान्त ने एक वीडियो सन्देश जारी कर तमिल नव वर्ष की सुभकामनाए लोगो को दी। अपने सन्देश में उन्होंने तमिल समुदाय के उन लोगों सलाह दी है जो देश से बहार रहते है। उन्होंने कहा की कोरोना काल में जो जहा है वे वही रहे। खुद को सुरक्षित रखे, घर से बहार नहीं निकले, अत्यंत जरुरी पड़ने पर ही घर से बहार निकले।

हर साल की तरह इस साल कोरोना महामारी के कारन हमलोग तमिल नव वर्ष बड़े धूम धाम से नहीं मन पाए। तमिल नव वर्षा के मौके पर हम सभी अपने परिवार के साथ के साथ मंदिर में सुबह पूजा करने जाते थे, उसके बाद बच्चो के साथ बहार घूमने जाते थे। लेकिन इस बार लॉक डाउन के कारन यह सब संभव नहीं हो पाया। इस बार हमने घर में ही भगवन की पूजा की। अच्छे पकवान बनाये और घरवालों के साथ घर में ही तमिल नव वर्ष मनाया। यह कहना है चेन्नई निवासी शिवा शंकरी का।

वही एक परिवार का कहना है की यह वर्ष हम सभी के लिए कष्ट भरा है। नव वर्ष के मौके पर हम मंदिर जाकर भगवान् की पूजा नहीं कर पाए। हमलगों ने घर में भगवान् की पूजा की और उनसे आग्रह किया की विश्व में फैली इस महामारी से मानव और मानवता को बचाए। जल्द से जल्द इस महामारी से लोगों को छुटकारा मिले।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *