विदर्भ में 12 सीटों पर कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी नहीं बन रही बात

INN/Mumbai, @Infodeaofficial
महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस और शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी के बीच टकराव स्थिती अब तक जस के तस है। विदर्भ में 12 सीटों पर जोर दे रहे ठाकरे गुट और कांग्रेस के बीच तनाव मिट नही रहा है, चूंकि इसमें बहुत कम दिन बचे हैं, इसलिए ठाकरे और कांग्रेस सीट बंटवारे की दरार को सुलझाने के लिए शरद पवार भी मध्यस्थता कर रहे हैं।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने बताया कि महाविकास अघाड़ी में कोई मतभेद नहीं है, सीटों के बंटवारे पर चर्चा चल रही है और यह चर्चा जल्द ही पूरी हो जाएगी। पटोले ने कहा कि अब तक कांग्रेस की 96 सीटों पर चर्चा पूरी हो चुकी है। एनसीपी प्रमुख शरद पवार और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे मंगलवार को फिर से मुलाकात करने वाले हैं। इस बीच कांग्रेस के विदर्भ के नेता कह रहे है कि जैसे शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी का गढ़ कोंकण, मुंबई है। वैसे ही विदर्भ कांग्रेस का गढ़ है और कांग्रेस अपने किले में अधिकतम जगह लेने की दिशा में काम कर रहे हैं।
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को विदर्भ में बड़ी सफलता मिली थी। इसलिए कांग्रेस ने विदर्भ की सीटों पर दावा किया। लेकिन जब से ठाकरे गुट ने इसमें से कुछ सीटों की मांग की तो कांग्रेस और ठाकरे गुट में विवाद हुआ। इसीलिए विदर्भ के कांग्रेस नेता दिल्ली में डटे हुए हैं।
कल दिल्ली में कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई इस दौरान नाना पटोले ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बैठक के बाद कल मंगलवार को उम्मीदवारों की सूची घोषित होने की संभावना है। इस बीच कल शिवसेना महाविकास आघाड़ी से अलग होने की खबरें चली लेकिन कांग्रेस और शिवसेना के नेताओं ने इस बात का खंडन किया। लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या इससे विधानसभा चुनाव से पहले महाविकास अघाड़ी का राजनीतिक समीकरण बिगड़ जाएगा।

