एक राज्य एक राजधानी की मांग को लेकर राज्य भर में प्रदर्शन

विक्रम जैन, आईएनएन/आंध्रा प्रदेश, @Jainvikaram18

आंध्र प्रदेश के लिए तीन-राजधानी की योजना पहली बार मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी द्वारा 17 दिसंबर 2019 को शुरू की गई थी। इस प्रस्ताव के विरोध में अमरावती राजधानी क्षेत्र के कई गांवों में विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ जो की अब तक जारी है। राजधानियों के विकेंद्रीकरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन 200 दिनों से चल रहा है।

हालांकि राज्य सरकार ने कई बाधाओं के बावजूद अप्रैल तक कार्यकारी राजधानी को विशाखापत्तनम में स्थानांतरित करने का इरादा किया था लेकिन महामारी ने सभी योजनाओं पर पानी फेर दिया है।

अमरावती के किसान, जमींदार और विपक्षी दलों के प्रतिनिधि एक ही राजधानी की मांग कर रहे है और तीन राजधानी का विरोध जारी है। अमरावती संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) ने विरोध प्रदर्शन के 200 वें दिन को चिह्नित करने के लिए एक आभासी कार्यक्रम का आयोजन किया।

जेएसी ने अपने एक बयान में हजारों स्थानीय किसानों के साथ खड़े होने के लिए आभासी विरोध का आह्वान किया, “जिन्होंने अपनी लंबे समय से चली आ रही पुश्तैनी जमीनों का बलिदान कर दिया।” इसी विरोध प्रदर्शन के तहत शनिवार को जिला तेदेपा के मुख्या कार्यालय में भी तेदेपा के नेताओं ने तीन राजधानी के खिलाफ प्रदर्शन पर बैठे।

एक राज्य एक राजधानी की जगह एक राज्य तीन राजधानी कैसे कर सकते है। यहाँ विरोध प्रदर्शन सिर्फ आंध्र प्रदेश में ही नहीं बल्कि राज्य के अलग-अलग देशो में भी प्लेकार्ड रख कर पाने अपने घरो से प्रदर्शन किया।

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