दक्षिण रेलवे को ट्रेन के कोचों में कैमरे लगाने का निर्देश

महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर मद्रास हाईकोर्ट ने दिया

आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial 

पुलिसकर्मियों द्वारा चलती ट्रेन में महिलाओं के साथ की जाने वाली छेड़छाड़ के मामले पर गंभीरता बरतते हुए गुरुवार को मद्रास हाईकोर्ट ने दक्षिण रेलवे को ट्रेन के डिब्बों में सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्देश दिया है। एक बर्खास्त पुलिस कांस्टेबल ए. विनोद द्वारा दायर याचिका को रद्द करते हुए कोर्ट ने यह निर्देश दिया।

याचिकाकर्ता ए. विनोद की स्पोट्र्स कोटे के तहत2008 में नियुक्ति हुई थी और तिरुचि रेलवे में तैनात था। 29 दिसंबर 2014 को कांस्टेबल विनोद और एक महिला कांस्टेबल तुत्तुकुड़ी-चेन्नई पेरल सिटी एक्सप्रेस ट्रेन में पैट्रोलिंग कर रहे थे। सेल्वी नामक एक महिला यात्री जो ट्रेन के एस६ कोच में सफर कर रही थी, से कांस्टेबल ने बात कर मोबाइल नंबर मांगे।

इसके बाद महिला यात्री ने ताम्बरम रेलवे पुलिस में इसकी शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर संबंधित अधिकारियों ने कांस्टेबल के खिलाफ जांच शुरू की। विभागीय कार्यवाई के तहत 15 अप्रेल 2015 को कांस्टेबल को बर्खास्त कर दिया गया था। जब कांस्टेबल ने दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक के पास याचिका लगाई तो याचिका रद्द हो गई।

उसके बाद उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की जहां याचिका पर सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने जानकारी दी कि घटना के दौरान कांस्टेबल के साथ उपस्थित महिला कांस्टेबल ने बताया है कांस्टेबल ने महिला यात्री के साथ अभद्रता से बात की थी। इसके बाद याचिका को रद्द करते हुए न्यायाधीश एस.एम. सुब्रमण्यिम ने कहा ट्रेनों में यात्रा करने वाली महिलाओं को राज्य द्वारा पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था दी जानी चाहिए।

ट्रेनों में पेट्रोलिंग करने वाले पुलिसकर्मियों को भी इस बाबत दिशानिर्देश जारी किए जाने चाहिए। ट्रेन में सफर करने वाली महिलाओं के खिलाफ इस तरह के अपराधों में कोई सहानुभूति नहीं दिखाई जा सकती। चलती हुई ट्रेन में महिलाएं मजबूर होती हैं। पेट्रोलिंग करने वाले पुलिसकर्मियों के पास सशस्त्र हथियार होता है जिसे देख पड़ोसी यात्री भी कुछ नहीं कर सकते।

न्यायाधीश ने दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक को विशेषज्ञों की सहायता से सर्वेक्षण कर महिलाओं, बुजुर्गो और बच्चों की सुरक्षा के लिए ट्रेन के डिब्बों में सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि वर्तमान परिस्थिति से निपटने के लिए ट्रेनों में तैनात पुलिसकर्मियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

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