झारखंड में 8 नवंबर से चुनाव प्रचार में और आएगी तेजी
कांग्रेस की ओर राहुल गांधी संभालेंगे मोर्चा
9 को अमित शाह की जनसभा और रोड शो
10 को पीएम नरेंद्र मोदी की दो सभा और रांची में रोड शो

INN/Ranchi, @Infodeaofficial
झारखंड में सरकार बनाने और बदलने की जंग तेज हो गई है। अगले तीन दिनों में चुनाव को लेकर आक्रामक प्रचार दिखेगा। भाजपा की ओर से जहां प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री मोर्चा संभालेंगे वहीं इंडी के प्रचार की कमान मल्लिकाअर्जुन खरगे और राहुल गांधी के हाथ में होगी।
झारखंड में प्रचार वार अब चरम पर पहुंचता दिख रहा है। ऐसे में जब अब पहले चरण के चुनाव प्रचार के लिए काफी कम समय बचा है तो सभी दलों ने अपने अपने स्टार प्रचारकों को चुनावी रणभूमी में उतार दिया है, जिसकी झलक अगले तीन दिनों तक झारखंड के शहरों से लेकर कस्बों तक दिखाई पड़ेगी।
राज्य के सर्वोच्च पंचायत विधानसभा में पहुंचने के लिए सभी प्रत्याशी राज्य के 81 विधानसभा क्षेत्रों में वोटरो से जनादेश मांग रहे हैं। स्टार प्रचारक भी उनके पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं। एनडीए और इंडी गठबंधन के बीच अगले तीन दिनों तक आक्रामक प्रचार की पृष्टभूमि तैयार हो गई है। प्रधानमंत्री इस महीने दूसरी वार 10 नवंबर को झारखंड पहुचेंगे और गुमला, बोकारो में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे। रांची में उनका एक रोड शो भी होगा।
इससे एक दिन पहले 9 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री छतरपुर, हजारीबाग और पोटका में एनडीए के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे साथ ही जमशेदपुर में उनका रोड शो भी होगा। इतना ही नहीं 4 राज्यों के सीएम भी विभिन्न स्थानों पर हुंकार भरेंगे। इधर इंडी गठबंधन भी प्रचार में दम दिखाने को तैयार है। कांग्रेस, झामुमो और राजद के स्टार प्रचारक भी आने वाले तीन दिनों में राज्य का तूफानी दौरा करेंगे। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकाअर्जुन खड़गे जहां 11 नवंबर को मनिका आ सकते हैं वहीं राहुल गांधी 8 नवंबर को सिमडेगा, लोहरदगा और जमशेदपुर में चुनाव प्रचार करेंगे। 9 नवंबर को श्री गांधी की बरही और बाघमारा में भी जनसभा प्रस्तावित है।
झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर दावों और वायदों की बौछार हो रही हैं। स्टार प्रचारक उम्मीदवारों की लोकंत्रत के मंदिर में पहुंचने की उम्मीद को संबल प्रदान कर रहे हैं। झारखंड में चुनावी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। पहले चरण में जिन 43 सीटों पर 13 नवंबर को मतदान होना हैं वहां अब चुनाव प्रचार में आखिरी दांव खेलते हुए स्टार प्रचारक जनता को लुभाने का भरसक प्रयास करेंगें ताकि जनादेश के जरिए सत्ता की कुर्सी हासिल की जा सके।

