अमित शाह को उनके पद से बर्खास्त करें नरेंद्र मोदी:

आईएनएन/नई दिल्ली, @Infodeaofficial
कल सदन में गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बाबा साहब आंबेडकर को लेकर दिए गए बयान पर क्षोभ व्यक्त करते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिका अर्जुन खरगे ने मांग की कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को तत्काल प्रभाव से अमित शाह को उनके पद से हटा देना चाहिए। अमित शाह ने अपने बयान में कहा था कि “आप लोग जितनी बार आंबेडकर का नाम लेते हैं, इतनी बार अगर भगवान का नाम लेते तो आपको सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता” BJP-RSS के लोग संविधान को नहीं मानते हैं।
ये लोग मनुस्मृति को मानने वाले लोग हैं, क्योंकि उसी में स्वर्ग-नरक और जातियों के बारे में कहा और लिखा गया है। मुझे ताज्जुब है कि जब कोई व्यक्ति बाबासाहेब के बारे में टीवी पर ऐसी अपमानजनक बातें बोल रहा है, तो उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलाकार टोका तक नहीं।
इसके विपरीत गृह मंत्री को समर्थन देने के लिए उन्होंने 6 ट्वीट कर दिए। जबकि आंबेडकर जी के लिए ऐसी अपमानजनक बात करने वाले व्यक्ति को कैबिनेट से निकाल देना चाहिए था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह दोनों गहरे दोस्त हैं, इसलिए दोनों एक दूसरे के पाप को छिपाते हैं। BJP-RSS और उनके राजनीतिक पूर्वजों ने कभी संविधान को सम्मान नहीं दिया।
इनके राजनीतिक पूर्वजों ने कभी संविधान को स्वीकार नहीं किया, उसकी प्रतियां जलाईं। इन लोगों ने तिरंगे को भी नहीं अपनाया। उनका कहना था कि संविधान में मनुस्मृति की बातें नहीं हैं, इसलिए इसे नहीं मानेंगे। इसके विरोध में उन लोगों ने नेहरू और अंबेडकर जी का पुतला भी जलाया।
हमारी मांग:—
• यदि कोई व्यक्ति संविधान की शपथ लेकर मंत्री बनता है और फिर संविधान का अपमान करता है, तो उसे कैबिनेट में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
• अमित शाह को फौरन कैबिनेट से बर्खास्त किया जाना चाहिए।
खड़गे ने कहा कि अगर इस्तीफ़ा नहीं होगा तो पूरे देश में विरोध प्रदर्शन होंगे। बाबासाहेब डॉ आंबेडकर जी सबके हैं, क्योंकि वे दलित, शोषित और वंचित लोगों समेत समाज के हर व्यक्ति की बात करते थे। वे सभी के प्रति सहानुभूति रखते थे।

