किताबें ही व्यक्ति को महान बनाती है: राज्यपाल
अरियलूर के सरकारी विद्यालय में पुस्तक मेले का उद्घाटन किया

आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial
हमें बच्चों में किताबें पढऩे के प्रति रुचि जगाने की जरूरत है। किताबें पढऩे से बच्चों में ज्ञान बढ़ता है, साथ ही विचार व कल्पना शक्ति भी बढ़ती है। इसलिए यह जरूरी है कि हम बच्चों को किताबें पढऩे के लिए प्रेरिरत करें।
अरियलूर स्थित सरकारी स्कूल में तमिल कल्चरल अकादमी द्वारा आयोजित पुस्तक मेले के उद्घाटन के मौके पर सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा एक महान व्यक्ति दुनिया को बदलता है जबकि किताबें ऐसी हैं जो व्यक्ति को महान बनाती हैं।
पुस्तक मेला किताबों को महोत्सव के साथ पढऩे की आदत का त्योहार है। यह लेखक और कल्पनाकार का महोत्सव है।
राज्यपाल ने कहा पूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने एक बार कहा था कि पुस्तक वह साधन है जो दो संस्कृतियों को आपस में जोड़ता है। बच्चों में पुस्तकें पढऩे की आदत का विकास होने से उनका भाषाई ज्ञान के साथ ही उनकी कल्पनाशक्ति बढ़ती है।
पुस्तकें हमें बुद्धिमत्ता देती हैं ताकि हम चुनौतियों का सामना कर सकें। पुस्तक मेले के दौरान आपको कई महान लेखकों और पुस्तक प्रेमियों से मिलने का मौका मिलता है। इसलिए हमें हमेशा ऐसे आयोजनों में शिरकत करना चाहिए।
भारतीय संस्कृति और पुस्तक का काफी पुराना संबंध रहा है। वाल्मीकि ने रामायण लिखी, वेद व्यास ने महाभारत, संत तिरुवल्लूवर ने तिरुकुरल लिखी है।
इस मौके पर विधायक एस. राजेंद्रन, केएन रामजयलिंगम, जयनकोंडम, आरटी रामचंद्रन, जिला कलक्टर टीजी वाणी, पुलिस अधीक्षक वीआर श्रीनिवासन, तमिल कल्चरल अकादमी के अध्यक्ष सीनि बालकृष्णन समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।

