कंदगी साड़ी को मिला जीआई रजिस्ट्रेशन
16 मई 2016 को किया था आवेदन

श्रेया जैन, आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial
कंदगी साड़ी को जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) रजिस्ट्रेशन मिला है। कंदगी साड़ी सूत के धागे से बनी होती है। इसमें पहले धागे को रंगा जाता है, फिर इस धागे से बुनकर साड़ी तैयार की जाती है। इस साड़ी का रंग नहीं उड़ता है।
इस मामले को मद्रास हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय गांधी ने प्रस्तुत किया था। संजय गांधी ने अब तक 18 ऐसेे उत्पादों को जीआई रजिस्ट्रेशन दिलाया है।
इस साड़ी की प्रमुखता है कि इसमें स्ट्राइप्स अथवा चेक होते हैं जिनको बुनाई के दौरान ही धागों में समाहित किया जाता है। इसमें बड़ा बॉर्डर होता है।
संजय गांधी ने बताया कि अमरार राजीव गांधी हैंडलूम वीभर्स को-ऑपरेटिव प्रोडक्शन एंड सेल्स सोसायटी लिमिटेड की ओर से १६ मई २०१३ को इसके लिए आवेदन किया था और इसे रजिस्ट्रेशन बुधवार को मिला है।
यह साड़ी आमतौर पर 5.10 मीटर से 5.60 मीटर लम्बी होती है। इसका निर्माण तमिलनाडु के शिवगंगा जिले के करैकुडी तालुक में होता है।

