सरकार सभी विद्यार्थियों को नवाचारी शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है: रमेश पोखरियाल ‘निशंक’

आईआईएन/नई दिल्ली, @Infodeaofficial

मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने आज नई दिल्ली में 87 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान किया। इन विद्यार्थियों ने आज राजधानी में गणतंत्र दिवस परेड का अवलोकन भी किया।

भविष्य में नई ऊंचाइयां हासिल करने को प्रोत्साहित करने के लिए श्री निशंक ने विद्यार्थियों को प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान किये। इस अवसर पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव श्री अमित खरे और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर श्री पोखरियाल ने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और उन पर नए व समृद्ध भारत के निर्माण की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व करेंगे और वह हमारे लिए गौरव का क्षण होगा।

श्री पोखरियाल ने कहा कि भारत में दुनिया की सबसे बड़ी शिक्षा प्रणाली मौजूद है, जिसके दायरे में 1000 विश्वविद्यालय, 4000 कॉलेज, 10725 एकल संस्थान, एक करोड़ से अधिक अध्यापक, 16 लाख स्कूल और 34.6 करोड़ विद्यार्थी हैं। उन्होंने कहा कि भारत में सबसे अधिक युवा आबादी है और यह शक्ति देश को वैश्विक और आर्थिक महाशक्ति बना सकती है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने 2030 तक 50 प्रतिशत कुल पंजीकरण अनुपात का महत्वकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है ताकि कार्यशील आबादी को रोजगारपरक कौशल से लैस किया जा सके। इस समय उच्च शिक्षा में कुल पंजीकरण अनुपात 26.5 प्रतिशत है।

श्री पोखरियाल ने कहा कि विद्वानों ने शिक्षा को ‘पारसमणि’ कहा है। यह जीवन के उद्देश्य और लक्ष्य को प्राप्त करने का एक उत्कृष्ट सर्वकालिक माध्यम है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी विद्यार्थियों को बेहतर नवाचारी शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो बहु-आयामी विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने आने वाली परीक्षाओं के लिए छात्रों को शुभकामनाएं दीं।

हर वर्ष मानव संसाधन विकास मंत्रालय से रक्षा मंत्रालय आग्रह करता है कि वह प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गणतंत्र दिवस परेड का अवलोकन करने के लिए आमंत्रित करे। इस संबंध में मंत्रालय सीबीएसई और देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों से सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थियों की सूची प्राप्त करता है।

सीबीएसई और विश्वविद्यालयों/ संस्थानों से प्राप्त होने वाली सूची के आधार पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय प्रत्येक सीबीएसई क्षेत्र (10वीं और 12वीं कक्षा) तथा विश्वविद्यालयों/ संस्थानों के उन छात्रों का चयन करता है, जिन्होंने अधिकतम अंक प्राप्त किए हैं और सूची में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है।  

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