देश में पहली बार पूरी फीस रिअम्बर्समेंट योजना आंध्र प्रदेश में: जगन मोहन रेड्डी

राज्य के मुख्यमंत्री ने जगन्ना विद्या दीवेना का

किया उद्घाटन 

विक्रम जैन, आईएनएन/आंध्र प्रदेश, @Jainvikaram18

देश में ऐसा पहली बार हो रहा है जब विधार्थियों के लिए पूरी फीस रिअम्बर्समेंट योजना शुरू की जा रही है और इस योजना की शुरुआत आंध्र प्रदेश में की गयी है। राज्य के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने तादेपल्ली स्थित अपने कैंप कार्यालय में मंगलवार को ‘जगन्ना विद्या दीवेना’ योजना का उद्घाटन किया।

इस मौके पर उन्होंने विभिन्न जिलों के छात्रों, उनके माता-पिता और जिलाधीशों के साथ बात की और कहा कि उनके पिता व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ वाईएस राजशेखर रेड्डी काफी साल पहले इस योजना का प्रस्ताव लेकर आये थे।

बोर्डिंग, लॉजिंग के लिए वसती दीवेना और पूरी फीस रिअम्बर्समेंट के लिए विद्या दीवेना के नाम से दो योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि फीस रिअम्बर्समेंट के तहत 4 हजार करोड़ से अधिक की राशि जारी की गई है। उन्होंने बताया कि देश में पहली बार पूरी फीस रिअम्बर्समेंट दी जा रही है। साथ ही पिछली सरकार के 1,880 करोड़ रुपये का बकाया भी दिया गया है।

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा से केवल विधार्थियों में ज्ञान के विकास के साथ उनकी सामाजिक स्थिति भी सुधरेगी। उच्चा शिक्षा से गरीबी परिवारों की गरीबी खत्म होगी और बिना कर्ज के उच्च अध्ययन करने से गरीबों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।

उन्होंने कहा कि दिवंगत वाईएसआर पर समाज के अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्गों, अल्प संख्यकों और गरीब सवर्णों सभी वर्ग के लोगों का पूरा भरोसा करते थे।

जगन ने कहा कि शैक्षणिक वर्ष 2020-21 के संबंध में हर तीन महीने पूरे होने के बाद फीस रिअम्बरसबमेंट की राशि सीधे छात्रों के माता-पिता के खाते में डाल दी जाएगी।

हर तीन महीने में एक बार फीस भुगतान के लिए माता-पिता जब कॉलेज जाते हैं तो ये जान पाएंगे कि उनके बच्चे कैसे पढ़ रहे हैं क्या वे नियमित रूप से कॉलेज जा रहे हैं या नहीं?

इसके अतिरिक्त वसती दीवेना योजना भी शुरू की गई है। इस योजना के तहत बोर्डिंग और लॉजिंग के लिए हर साल 20 हजार रुपए दिए जाएंगे और यह राशि सीधी विधार्थी के माता-पिता के खाते में जमा करा दी जाएगी। ऐसा करने से परिवार कर्ज में नहीं डूबेगा और बच्चे उच्च शिक्षा का लाभ ले सकेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *