राजनीति के चाणक्य थे अरुण जेटली: चौबे

आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial
पूर्व वित्त मंत्री और राज्यसभा सांसद अरुण जेटली के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा अरुण जेटली के निधन से देश और पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है।
उन्होंने अपनी छात्र राजनीति के घटनाक्रम की चर्चा करते हुए कहा कि जब मैं पटना विश्वविद्यालय में छात्र इकाई का चुनाव लड़ रहा था तब जेटली ने मेरे पक्ष में आकर प्रचार किया।
वे एक प्रखर वक्ता थे जिनमें लोगों को मोहित कर लेने की कला थी। यही कारण था कि मैंने छात्र चुनाव में भारी मतों से जीत दर्ज की।
पूर्व वित्तमंत्री को राजनीति का चाणक्य बताते हुए और अपने पुराने दौर को याद को करते हुए चौबे बेहद भावुक हो उठे।
उन्होंने कहा जेटली मेरे लिए बड़े भाई के समान थे। उनसे मैंने बहुत कुछ सीखा और समय-समय पर उन्होंने मुझे हाथ पकडक़र आगे बढ़ाया।
राजनीति में अपने दोस्तों और विपक्षियों के बीच कैसे संतुलन साधना चाहिए यह भी मंैने उन्हीं से सीखा है। अपने युवा काल में छात्र राजनीति के दौरान अरुण जेटली से मुझे काफी कुछ सीखने को मिला। उनकी वाणी और बोलने की कला में गजब की मोहक शक्ति थी।
यही कारण है कि पटना विवि के छात्र चुनाव में मेरा प्रचार जब जेटली ने किया जिसमें सर्र्वाधिक वोट छात्राओं के थे। राजनीति के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी उन्होंने काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। क्रिकेट के प्रति उनकी रुचि काफी अधिक थी। दिल्ली के फिरोजशाह कोटला ग्राउंट का कायाकल्प उनके ही कार्यकाल में हुआ।
मैंने एक अभिभावक खोया है: अर्जित शास्वत
अरुण जेटली की मौत से देश, पार्टी को तो क्षति हुई ही है लेकिन मैंने अपना अभिभावक खोया है।
जिन्होंने हर कदम पर पिता के बाद मुझे बहुत कुछ सीखाया है। मैं खुद को बहुत खुदकिस्मत समझता हूं कि मुझे बचपन से उनका साथ मिला।
मेरे पिता के लिए वह भाई-दोस्त की तरह रहे। वे लोग 70 के दशक से साथ है और दोनों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से ही अपनी राजनीति की शुरुआत की।
80 के दशक से जब मैंने होश सम्भाला तब से मैं उन्हें और उनके काम करने के तरीकों को देखता और उनसे बहुत कुछ सीखता आ रहा हूं। वो मरे नहीं अमर हो गए। मेरी यादों में मुझे दी गई सीख में। मंै उनके सीखाए सीख को हमेशा याद रखूंगा और उनके पदचिन्हों पर चलूंगा।

