आजादी के बाद मैंने ऐसा बजट पहली बार देखा: एस. गुरुमूर्ति

आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial

जादी के बाद मैंने ऐसा बजट पहली बार देखा है जिसमें सभी को समान रूप से देखा गया है। केंद्र सरकार के इस बजट में किसी प्रकार की असमानता नहीं है, जैसा पहले के बजट में होता था। अल्पसंख्यक, एससी, एसटी वह अन्य के लिए हर बार बजट में अलग से कुछ न कुछ होता था लेकिन इस बार के बजट में सभी को एक समान रखा गया है।

वीआईटी द्वारा आयोजित ‘डिस्कशन ऑन यूनियन बजट 2019-20’ में सभा को संबोधित करते हुए तुगलक के संपादक एस. गुरुमूर्ति ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारामण ने संसद में जो बजट पेश किया ह वह बजट आगामी 10 साल का रोडमैप दर्शाता है।

इस बजट के अवलोकन से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार आधारभूत ढांचों के साथ-साथ देश के विकास के प्रति कितनी गम्भीर है।

कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों का स्वागत करते हुए वीआईटी के संस्थापक व कुलपति एवं पूर्व सांसद जी. विश्वनाथन ने कहा देश में चुनावी सुधार की जरूरत है जो सरकार, राजनैतिक पार्टियों और जनता की मदद से आएगा।

उन्होंने तमिलनाडु में वोट के बदले नोट के चलन पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इन चीजों के कारण आज हम पीछे हैं और लोग लोभवश अपने दूरगामी भले को नहीं पहचान पाते हैं।

राज्य में जल संकट पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने कहा कि हमें नदियों को जोडऩे का काम जितनी जल्दी हो कर देना चाहिए। नदियों को जोडऩे की बात पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने कही थी जिसे मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में फिर से दोहराया। अब समय आ गया है कि सरकार को इस पर गम्भीरता से विचार करना चाहिए और इस पांच साल के कार्यकाल में ही इसे पूरा कर देना चाहिए।

इस मौके पर तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एस. पीटर अल्फोंस ने कहा कि उन्होंने अपने 30 साल के राजनैतिक करियर में ऐसा बजट नहीं देखा। सरकार आंकड़ों के माध्यम से लोगों को झूठे ख्वाब दिखा रही है। केंद्र सरकार ने अपने बजट में ‘पर कैप्टा इनकम’ के बारे में कुछ भी नहीं कहा। इस बजट में गरीब के लिए कुछ खास नहीं है। सरकार बड़े आंकड़े दिखाकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।

डीएमके सांसद और राज्यसभा में डीएमके के नेता तिरुचि एन शिवा ने कहा कि बजट में लम्बे-चौड़े आकड़े पेश किए गए पर मूलभूत समस्याओं का समाधान कब और कैसे होगा इसपर कुछ भी नहीं कहा गया।

गरीब लोगों के लिए इस बजट में हताशा के अलावा और कुछ भी नहीं है। युवाओं के लिए रोजगार कैसे पैदा किए जाएंगे इसके बारे में कोई चर्चा नहीं की गई है।

सीपीआई (एम) तमिलनाडु के राज्य सचिव के. बालाकृष्णन ने कहा कि बजट में किसानों के लिए कुछ खास नहीं है। कर्ज माफी या उनकी समस्याओं के स्थाई समाधान को लेकर कुछ भी नहीं है।

तमिलनाडु भाजपा के युवा इकाई के अध्यक्ष विनोज पी. सेल्वम ने कहा कि केंद्र सरकार का बजट अगले 25 सालों के विकास का बजट है। यह बजट देश को विकाशील से विकसित देशों की श्रेणी में लेकर आएगा।

 

वीसीके उप महासचिव एस.एस. बालाजी ने कहा कि इस बजट में दलित और पिछड़े समुदाय को कोई लाभ नहीं दिया गया।

इसके बजाय उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं में कटौती ही की गई है। आम आदमी को आयकर में भी कोई छूट नहीं मिली।

इस मौके पर तमिलनाडु सरकार के पूर्व मंत्री एस. सेम्मालै, सीपीआई के पूर्व राज्य सचिव ता पांडियन, सीपीआई(एम) के राज्य सचिव के. बालाकृष्णन, जी. सेल्वम समेत कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

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