ज्यादा दिनों तक परेशान नहीं करेगी आर्थिक तंगी भारत और भारतवासियों को

आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial
कोरोना महामारी के कारण विश्व की अर्थव्यवस्था लचर पड़ गयी है और इस महाप्रकोप से भारत भी अछूता नहीं रहा है।
गिरती अर्थव्यवस्था को देख कर अर्थशास्त्रियों का ये अनुमान है कि अगर कोरोना का प्रकोप आगामी कुछ महीने में ठीक भी हो जाता है तो अर्थव्यवस्था की टूटी कमर को मजबूती देने में सालों लग जाऐंगे।
कोरोना के कारण लगे लॉक डाउन की वजह से कई लोगों का रोजगार छीन गया तो कुछ इस चिंता में दुबले हुए जा रहे है की कहीं उनकी भी नौकरी न चली जाये।
इस पूरी स्थिति पर चेन्नई के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य महेश वर्मा का कहना है कि लोगों को चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है | कोरोना के कारण देश की अर्थव्यवस्था गिरी है उसे संभलने में ज्यादा समय नहीं लगेगा |
वह बताते हैं कि 14 अप्रैल को सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में संचरण करेगा जिसके बाद कोरोना की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी। जून 29 तक भारत पहला देश होगा जो कोरोना पर पूर्ण नियंत्रण करने जैसी स्थिति में होगा।
दवाईयों, कूटनीति, के लिए हमारा भारत महाशक्तिशाली देशों को टक्कर देगा। हमारा देश चीन को पछाड़कर इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट में आगे निकलेगा और पूरी दुनिया यहाँ निवेश को तत्पर होगी। 5 जुलाई 2021 के बाद भारतवर्ष में बेरोजगारी भी घटेगी।
महेश वर्मा बताते हैं कि भारत को आजादी 15 अगस्त 1947 को मिली। उस समय आकाश में ऋषभ लग्न था व चंद्रमा कर्क राशि पुष्य नक्षत्र में था आज भारत की जन्मपत्री में चंद्र दशा व शनि की अंतर दशा चल रही है जो 5 जुलाई 2021 तक रहेगी।
चंद्र तृतीय भाव का अधिपति व शनि नवम व दशम भाव के अधिपति है जो विषयोग बनाते हैं। इसके प्रभाव से देश में असंतुष्टि का वातावरण रहेगा लेकिन व्यापार में 14 अप्रैल 2020 से हल्का सुधार होगा जो आगे मई महीने में उद्योग धंधे के लिए बेहतर माहौल बनेगा।
मई महीने के बाद सुर्य व शुक्र व्यापार व उधोग में उन्नति लाएंगे । 29 जून के बाद विरोधी कि गतिविधियों पर नियंत्रण होगा और देश के आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में सुधार होगा।
वह बताते है की कोरोना महामारी के प्रकोप से सताये लोग विशेषकर वो जो गावं छोड़कर शहरों की ओर आते है उनकी मनोदशा में सुधर आएगी। जिसके बाद से अधिकांश लोग शहरों को छोड़ गावों का रुख करेंगे।
बड़ी संख्या में लोग दुबारा गांव, पशुपालन, दूध और कृषि की तरफ आकर्षित होंगे। दुनिया भर से लोग भारत से आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, योग, प्राणायाम, तंत्र-मंत्र, ज्योतिष सीखने में रूचि दिखाएंगे।
भारत का व्यापार 29 जून के बाद से अमेरिका व यूरोपीय देशों के मुकाबले पहले से बेहतर स्थिति में रहेगा। भारत के विदेश नीति में परिवर्तन होगा और सितम्बर तक और मजबूत स्थिति में होगा।
इस साल दिसम्बर से मार्च 2021 तक भारत की अर्थव्यवस्था में मंदगति से सुधार आएगी। शनि देव चंद्र से सप्तम भाव में होने से इंडस्ट्रीज में सुधार होगा और इससे लाभदायक स्थिति बनेगी।
लेकिन अप्रैल से मई तक भारत को सावधानी बरतनी होगी। क्योंकि छठे , सातवें व आठवें भाव में केतु, शनि व मंगल आन्तरिक विवाद व गृहकलेश की स्थिति उत्पन्न हो सकती है|
अमेरिका की राशि कुम्भ है| गोचर में शनि देव व गुरुदेवबारहवें भाव में है। गुरु दूसरे व एकादश भाव के अधिपति होकर द्वादश भाव मे जाने से अमेरिका में 29 जून तक व्यय बहुत होगा, जनहानि होगी, व्यापार में नुकसान होगा।
इसके बाद सुधार होगा धीरे-धीरे सितम्बर माह तक पूर्ण रूप से सुधार होने लगेगा। अमेरिका अपनी नीतियों में परिवर्तन करके दूसरे देशों से व्यापार में मित्रतापूर्ण व्यवहार करके अपने देशवासियों के जीवन में सुधार लायेगा।
हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली के अनुसार उनकी राशि वृश्चिक है। अभी चन्द्र दशा में शुक्र का अंतर चल रहा हैं और गोचर में बृहस्पति 29 मार्च को उनके तीसरे भाव मे प्रवेश करेगा लेकिन दूसरा और पाँचवा घर का स्वामी होने से उन्हें अपने निकट और प्रिय लोगों से तनाव होगा। नीति बनाने में वे सहयोग नहीं करेंगे। लेकिन अंत में 29 जुलाई के बाद अधिक शक्तिशाली होंगे और भारत की सभी समस्याओं से निपटेंगे |
इस मंत्र के जाप करने से महामारी का नाश होगा। अपने घरों में उत्तरपूर्व की दिशा को साफ रखने की पूरी कोशिश करें।
“जयन्ती मंगला काली भद्र काली कपालिनी।दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वाधा नमोस्तु ते”
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