पशुधन राष्ट्रीय धन है: उपराष्ट्रपति

आईआईएन/नई दिल्ली, @Infodeaofficial
उपराष्ट्रपति, एम वेंकैया नायडू ने आज देशी मवेशियों की नस्लों को संरक्षित करने और बैलों के प्रजनन से संबंधित उच्च गुणवत्ता वाले फार्मों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुओं को वैज्ञानिक तरीके से आहार देने तथा डेयरी कारोबार में नयी तकनीक अपनाने का सुझाव दिया।
उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर एबीसी सीमेन केन्द्र का दौरा किया, जो आज आंध्र प्रदेश में विजयवाड़ा के पास वीरवल्ली में पशु प्रजनन और गुणवत्ता वाला वीर्य उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है। उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर वीर्य प्रसंस्करण प्रयोगशाला, वीर्य गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला और विनिर्माण संयंत्र जैसी सुविधाओं को भी देखा।
डेयरी क्षेत्र को कृषि के बाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दूसरी सबसे मजबूत रीढ़ बताते हुए कहा कि यह देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र में भारतीय सहकारिता जैसे कि गुजरात में अमूल पहले से ही अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बन गया है। यह किसानों के लिए रोजगार प्रदान करता रहा है।
पशु धन को राष्ट्रीय संपत्ति बताते हुए उन्होंने कहा कि किसान डेयरी, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसी संबद्ध गतिविधियों में निवेश करके वित्तीय स्थिरता और मूल्य संवर्धन प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन की अर्थव्यवस्था काफी हद तक पशुओं की क्षमता पर निर्भर करती है, ऐसे में उन्हें कीटाणुओं के प्रकोप से बचाने और उनमें आनुवंशिक सुधार करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्य पालन और कृषि की अन्य संबद्ध गतिविधियों जैसे क्षेत्रों में अधिक निवेश करने और अनुसंधान को बढ़ाने के लिए एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाए जाने की तत्काल आवश्यकता है जहां किसानों की आर्थिक स्थिति केवल कृषि पर निर्भर नहीं हो। उन्होंने दूध उत्पादन में वृद्धि, ग्रामीण किसानों को स्वरोजगार और उनके लिए स्थायी आय की व्यवस्था करना, दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता को बढ़ाना आदि पर सभी सरकारों द्वारा विशेष ध्यान दिए जाने पर बल दिया।
उन्होंने किसानों के सहकारी समितियों, कृषि विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और वैज्ञानिकों के साथ-साथ किसान विज्ञान केंद्रों से कहा कि वे किसानों को दुग्ध उत्पादन सहित संबद्ध सेवाओं में विविधता लाने के लिए प्रोत्साहित करें।
नायडू ने किसानों के लिए मूल्य संवर्धन और दूध उत्पादकों के लिए सर्वोत्तम संभव मूल्य दिलाने के लिए संगठन के नेक इरादों की सराहना की। उन्होंने केन्द्र का दौरा करने के बाद कहा कि “इस जगह की यात्रा मवेशियों की देखभाल में वैज्ञानिक प्रगति की उपयोगिता को जानने के लिए बहुत जरुरी है।
एबीसी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बैलों के जीन का उत्पादन करने का काम कर रहा है। यह वैज्ञानिक रूप से पशुधन का चयन करने का काम भी करता है जिसके जो आगे ऐसी उन्नत नस्ल पैदा करते हैं जो किसानों के लिए काफी लाभप्रद होते हैं।

