जुलाई महीने के अंत तक भारत में कोरोना के मामले 11 -14 लाख हो सकते है

INN/Chennai, @Infodeaofficial

भारतीयों में कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर अध्धयन कर सेंट्रल मैथमेटिकल इंस्टिट्यूट की ओर एक रिपोर्ट जारी किया है। इस शोध पर संस्थान के एसोसिएट प्रोफेसर सौरीश दास ने काम किया है।

शोध में यह बताया गया है आयने वाले जुलाई महीने के अंत तक भारत में कोरोना के मामले 11 -14 लाख हो सकते है। मौजूदा समय में यह संख्या 5 लाख को भी पार कर गयी है।

इसके अलावा इस रिपोर्ट में बतया गया है की कितनी तेजी से भारतियों में यह संक्रमण फ़ैल रहा है, आने वाले दिनों स्थिति कैसी होगी और इसे कैसे रोका जा सकता है।

संक्रमण के फ़ैलाने के क्रम को R0 से दर्शाया जाता है। R0 को रिप्रोडक्शन नंबर कहते है।

रिपोर्ट के मुताबिक अगर R0= 2 के बराबर हो तो यह कहा जा सकता है की कोरोना संक्रमित व्यक्ति 14 दिन के बीमारी के दौरान 2 या 2 से अधिक लोगों को संक्रमित कर सकता है।

वैसे ही ये 2 व्यक्ति अन्य 4 लोगों को संक्रमित करेंगे और संख्या ऐसे ही बढ़ती जाएगी। भारत में मार्च के महीने में यह R0 35 के बराबर था। जून महीने में R0 13 के बराबर है। अगर यह R0 < 1 से का होगा तो यह कहा जा सकता है की संक्रमण रुक गया है।

बड़े शहरों जैसे नई दिल्ली, चेन्नई, मुंबई, कोलकाता आदि शहरो में कोरोना संक्रमण के मामले ज्यादा है। पुरे तमिलनाडु में उतने मामले नहीं जितना की चेन्नई में मामले है।

उसी प्रकार महाराष्ट्र में मुंबई में सबसे ज्यादा मामले देखने को मिल रहे है। इसका एक प्रमुख कारन यह भी है की यहाँ आबादी का घनत्वा ज्यादा है। जिन शहरो और गावों में घनत्वा काम है वह ऐसे मामले काम देखने को मिलेंगे।

भारत के सभी राज्यों में R0 काम हो रहा है। इसका यही मतलब है की जिन प्रदेशों में संक्रमण के ज्यादा मामले है वह भी वह भी कोरोना के मामलों में कमी आएगी। हालाँकि R0 काम तो हो रहा है पर मौजूदा समय में R0 1.2 से 1.35 पर जाकर अटक गया है।

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