किमती दस्तावेज को उसके मालिक को खोजकर सौपा आरपीएफ टीम ने

विष्णु शर्मा, आईआईएन/चेन्नई, @svs037

भारी संख्या में पुराने स्टाम्प, ऐतिहासिक दस्तावेज, विशेष पोस्टल कवर आदि जिसकी कीमत लाखों में है उसे उसके मालिक को आरपीएफ पालकाड और चेन्नई टीम की मदद से सौंपा गया।

18 जुलाई की दोपहर को सीआईबी/पीजीटी टीम के सजी अगस्टिन और प्रदीप पालकाड स्टेशन पर ट्रेन संख्या 12521 में सुरक्षा जांच कर रहे थे तभी एक यात्री ने उनको लावारिस बैग के बारे में सूचना दी। उस बैग को आरपीएफ टीम सीआईबी/पीजीटी ऑफिस लेकर आई।

जब बैग की तलाशी ली गई तो उसमें से भारी संख्या में विभिन्न देशों के पुराने पोस्टल स्टाम्प, ऐतिहासिक दस्तावेज, पश्चिमी चम्पारण के अभियान में हिस्सा न लेने के आदेश की कॉपी, विशेष पोस्टल कवर आदि मिले जिनकी कीमत दो लाख रुपए से ज्यादा होगी।

इस दस्तावेज के मालिक की खोज के लिए आरपीएफ द्वारा विभिन्न सामाचार पत्रों व चैनलों और सोशल मीडिया के माध्यम से खबर चलाई गई। 19 जुलाई को उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के मृत्युंजय मिश्रा (56) ने आरपीएफ को फोन कर सूचना दी कि ये दस्तावेज उनके हैं। उसके बाद इस मामले की सूचना चेन्नई स्थित आरपीएफ मुख्यालय को दी गई।

आरपीएफ मुख्यालय में मृत्युंजय को बुलाया और उनसे पूछताछ कर इस बात की पुष्टि की गई कि यह सामान उनका ही है। मृत्युंजय ने बताया कि ट्रेन संख्या 12521 में सफर के दौरान उनका बैग खो गया था। पुष्टि के बाद मृत्युंजय को पालकाड भेज दिया गया।

पालकाड में सभी पहचान की जांच कर मृत्युंजय को उनका बैग वापस दे दिया गया। मृत्युंजय ने बताया कि इस सामाग्री से उनका भावनात्मक जुड़ाव है। ये दस्तावेज और स्टाम्प उनके पिता कृष्णा मिश्रा ने अपने ७ साल की उम्र से जमा किए हैं।

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