नौसेना कमांडरों का दूसरा सम्मेलन 2019

आईआईएन/नई दिल्ली, @Infodeaofficial

स वर्ष नौसेना कमांडरों का दूसरा सम्मेलन 22 से 24 अक्टूबर, 2019 तक नई दिल्ली में आयोजित होगा। इस सम्मेलन में नौसेना कमांडरों के बीच महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले के बारे में विचार-विमर्श किया जाता है।

यह कार्यक्रम एक वर्ष में दो बार आयोजित किया जाता है। तीन दिनों के इस कार्यक्रम में,  कमान  प्रमुखों के साथ नौसेना प्रमुख,  पिछले छह महीनों के दौरान किए गए प्रमुख परिचालन, मैटरियल, लॉजिस्टिक्स, मानव संसाधन, प्रशिक्षण और प्रशासनिक गतिविधियों की समीक्षा करेंगे और इस पाठ्यक्रम पर विचार-विमर्श करेंगे।

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह पहले दिन नौसेना कमांडरों को संबोधित करेंगे और उनके साथ बातचीत करेंगे। यह सम्मेलन देश के समग्र आर्थिक विकास के लिए आवश्यक एक सुरक्षित तथा संरक्षित समुद्री वातावरण के विकास की दिशा में कई अंतर-मंत्रालीय पहलों को आगे बढ़ाने के लिए, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ नौसेना कमांडरों की संस्थागत बातचीत का अवसर भी प्रदान करता है।

सम्मेलन के दौरान विचार-विमर्श के दौरान सुरक्षा संबंधी मुद्दों के समाधान के साथ-साथ नौसेना की युद्ध क्षमता को बढ़ाने और संचालन को और अधिक कुशल बनाने के तरीकों पर जोर दिया जाएगा।

विचार-विमर्श के अन्‍य विषयों में ‘संचालन क्षमता को बेहतर बनाने की दिशा में भारतीय नौसेना का कार्यात्मक गठन’  और ‘संचालन,  रखरखाव’,  ‘ऑप-लॉजिस्टिक्स’, ‘डेटा प्रबंधन’ और संगठनात्मक परंपराओं से संबंधित मुद्दे शामिल होंगे। यह सम्‍मेलन कमांडरों के लिए हथियार/सेंसर के प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा करने, आईएन प्लेटफार्मों की विस्‍तृत समीक्षा का भी अवसर प्रदान करता है।

तीनों सेनाओं द्वारा संयुक्त रूप से भविष्य की सभी कार्रवाइयों की रूपरेखा तैयार की जाएगी और उनका निष्पादन किया जाएगा। साथ ही, राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना के प्रमुखों के साथ बातचीत के दौरान मन मुताबिक संयुक्त आयोजना संरचनाओं, तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और कार्रवाई संबंधी तैयारी के बारे में चर्चा की जाएगी।

कमांडर ‘मेक इन इंडिया’ के जरिए स्वदेशीकरण को बढ़ाने पर जोर देते हुए, नौसेना की मौजूदा परियोजनाओं की समीक्षा भी करेंगे।

इस अर्द्ध-वार्षिक सम्मेलन में प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्त सागर – एसएजीएआर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) नामक अवधारणा की दिशा में पहल को लागू करने के तरीके का आकलन करने के लिए भी इस क्षेत्र की घटनाओं की समीक्षा की जाती है।

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