सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश की दो महिला जजों की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया

आईएनएन/नई दिल्ली,  @Infodeaofficial

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश की दो महिला जजों की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने दोनों की 15 दिनों में पद पर फिर से बहाली का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि दोनों जजों की बर्खास्तगी का फैसला ग़ैरक़ानूनी, मनमाना है। सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला जून 2023 में मध्यप्रदेश की 6 महिला जजों की बर्खास्तगी से जुड़े मामले में दिया है। राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की प्रशासनिक समिति की सिफारिश पर 6 जजों को बर्खास्त कर दिया था।

इनमे से चार जजों को सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद सितंबर 2024 में बहाल कर दिया था लेकिन दो जजों अदिति कुमार शर्मा और सरिता चौधरी को बहाल नहीं किया गया था। आज सुप्रीम कोर्ट ने दोनो न्यायिक अधिकारियों को भी उनकी वरिष्ठता क्रम के मुताबिक बहाल करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि जिस तारीख से उनकी जूनियर की नौकरी स्थायी हुई, तब से इन दोनों का भी प्रोबेशन पीरियड माना जाए

जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस एन के सिंह ने कहा कि इन दोनों अधिकारियों को लेकर हाई कोर्ट को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी। बेंच ने नोट किया कि इन दोनों न्यायिक अधिकारियों में एक अधिकारी की प्रोबेशन पीरियड के दौरान शादी हुई, वो कोविड़ की शिकार हो गई, इसी बीच उसका गर्भपात भी हुआ,और उसके भाई को कैंसर हो गया लेकिन उसकी ACR में इन सब तथ्यों को नज़रंदाज़ कर दिया गया।वही दूसरे अधिकारी को अपने खिलाफ शिकायत पर जवाब दाखिल करने का मौक़ा नहीं दिया गया

बेंच ने अपने फैसले में देश की न्यायपालिका में महिलाओं की हालात को लेकर चिंता जाहिर की। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि न्यायपालिका में महिलाओं की ज़्यादा भागीदारी न केवल न्याय की क्वालिटी को बेहतर बनाएंगी, बल्कि ये लैगिके समानता को बढ़ावा देगी। लेकिन इसके लिए सिर्फ महिला न्यायिक अधिकारियों की संख्या बढ़ाने से काम नहीं चलेगा,जब तक कि हम उन्हें काम के लिए आरामदायक माहौल सुनिश्चित नहीं करते।

फैसले के बाद जस्टिस नागरत्ना ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि हमारी सहानुभूति उन महिलाओं को लेकर है। उन्होंने अपना पैसा खोया, तनाव झेला। हमे कभी महिला जजों से बात करना चाहिए। उनकी ओर से झेली जानी वाली परेशानियों, चिंताओं का पता होना चाहिए। वो महीने के कुछ दिनों में दर्द से निपटने के लिए दवाई लेकर सुबह से शाम तक बैठती है। हमारा रवैया उनके लिए संवेदनशील होना चाहिए।

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