श्रीलंकाई जासूस को सरेंडर करने के लिए कोर्ट ने दी जमानत

सतीश श्रीवास्तव, आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial
जासूसी के आरोप में पांच साल पहले गिरफ्तार हुए एक श्रीलंकाई नागरिक को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने चेन्नई में उसके घर जाकर पुराना पासपोर्ट खोजकर उसे कोर्ट के समक्ष सरेंडर करने की इजाजत दी है।
अरुण सेल्वराज जो कि एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी चला रहा था को एनआईए ने जसूसी के आरोप में वर्ष 2014 में गिरफ्तार किया था। उसे पिछले साल दिसम्बर में जमानत दी थी लेकिन उसे तिरुचि के विशेष कैम्प में रखा गया था। ऐसा इसलिए किया गया था क्योंकि वह एक विदेशी नागरिक था और उसके खिलाफ भारतीय कोर्ट में केस चल रहा है।
अरुण ने कोर्ट में याचिका दायर कर कैम्प के डिप्टी कलक्टर को निर्देश देने की मांग की थी कि उसे उसके सालिग्रामम स्थित घर जाने की अनुमति दी जाय ताकि वह अपना पुराना पासपोर्ट ले सके और घर से अन्य सामान हटाए।
जमानत की शर्त भी यही थी कि वह अपना पुराना पासपोर्ट कोर्ट में सरेंडर करे। अरुण ने एफिडेविट दायर कर कहा था कि उसका पुराना पासपोर्ट खो गया जिसकी शिकायत पुलिस थाने में दर्ज है। उसके बाद उसी साल चेन्नई स्थित श्रीलंकाई महावाणिज्यिक दूतावास ने एक महीने के लिए नया पासपोर्ट जारी किया था।
अरुण ने पासपोर्ट खोजने के लिए कोर्ट से आठ घंटे का समय मांगा। एनआईए की तरफ से पेश हुए विशेष सरकारी वकील ने कहा कि इससे उनको कोई एतराज नहीं है यदि एनआईए का अधिकारी उनके साथ रहे।
उसके बाद कोर्ट के न्यायाधीश पी. चेंदूरपांडी ने विशेष कैम्प के डिप्टी कलक्टर को अंतरिम आदेश दिया कि अरुण के चेन्नई जाने की व्यवस्था की जाए।

