सरकार की नीति, शिक्षा, शिक्षणसंस्थान व विद्यार्थियों के खिलाफ

आईआईएन/मुम्बई, @Infodeaofficial
जामिया मिलिया और अलिगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के साथ हुई पुलिसिया जादती के खिलाफ व इन विद्यार्थियों के सर्मथन में सैकड़ों की संख्या में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने मुम्बई में नागरिकता विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस के विद्यार्थी कॉलेज परिसर में जमा होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इन छात्रों का कहना है कि सरकार की नीति शिक्षा, शिक्षण संस्थान और विद्यार्थियों को दबाने की नीति पर काम कर रही है। वह जानती है कि आज का युवा यदि जागरुक हो गया तो उन्हें सत्ता से उखाड़ फेकेगा।
इस विरोध प्रदर्शन मेें विद्यार्थियों ने गोदी मीडिया को भी जमकर लताड़ा और आरोप लगाया कि कुछ ऐसे मीडिया संस्थान है जो सरकार की प्रशंसा करना ही जानती है उन्हें सरकार की बुराइयां दिखती ही नहीं। ये टीवी चैनल अपना और अपने साथ काम करने वाले लोगों का स्तर गिरा रहे हैं।
केंद्र सरकार के निशाने पर अब कुछ ऐसे शैक्षणिक संस्थान है जो किसी भी सरकार के खिलाफ मुखर होकर अपनी आवाज बुलंद करते हैं और सरकार के गलत कदम का हमेशा विरोध करते हैं। जेएनयु, जामिया, एएमयु इसका उदाहरण है। सरकार नहीं चाहती है कि देश का युवा पढ़ेे और इतना समझदार बने की उनके हर गलत और सही निर्णय को समझ सकें।
एक छात्र का कहना था कि दिल्ली पुलिस को मुम्बई पुलिस से सीख लेनी चाहिए। हम यहां पिछले काफी घंटों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन अबतक किसी पुलिसकर्मी ने हमे हाथ तक नहीं लगाया।

