विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के काम कर रही तमिलनाडु सरकार

आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial

क जमाना था जब आईआईटी और मेडिकल के परिक्षाओं में तमिलनाडु के विद्यार्थी अधिकांश संख्या में अव्वल लाने के बजाय अधिक सीटे प्राप्त करते थे लेकिन पिछले कुछ दशकों से इस संख्या में कमी आई है।

आईआईटी-जेईई और नीट परिक्षाओं में राज्य के विद्यार्थियों के गिरते प्रदर्शन को देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने हाल ही में पाठ्यक्रम और अंक प्रणाली में बदलाव किया है। इसका असर हमें आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा। 

फीटजी चेन्नई द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम ‘उत्कर्ष 2019’ में हिस्सा लेते हुए तमिलनाडु सरकार के तमिल भाषा और तमिल संस्कृति मंत्री के. पांडिराजन ने कहा कि पिछले कुछ सालों में नीट और आईआईटी-जेईई परिक्षाओं में तमिलनाडु के विद्यार्थियों के गिरते प्रदर्शन को देखते हुए पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है।

कुछ दशक पहले की ही बात है जब इन परिक्षाओं में राज्य के विद्यार्थियों के उत्र्तीण होने का प्रतिशत  12 प्रतिशत से भी ज्यादा हुआ करता था जो अब गिरकर 4.5 प्रतिशत रह गया है। राज्य के विद्यार्थियों का प्रदर्शन बढ़ाने के उद्देश्य से ही हमने पाठ्यक्रम में बदलाव यिका है।

इस मौके पर वेल्स विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति डा. ईशारी के. गणेश, दक्षिण रेलवे के पूर्व महाप्रबंधक आर.के. कुलश्रेष्ठ समेत कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे। 

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