आईआईटी जोधपुर और मसाई स्कूल की नई पहल

प्रबंधन और तकनीक को जोड़ते दो नए डिग्री कार्यक्रम, भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार

INN/Chennai, @Infodeaofficial

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर ने मसाई स्कूल के साथ मिलकर दो नए अंतःविषयक डिग्री कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। इनमें बीएस इन मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी और एमबीए टेक्नोलॉजी शामिल हैं, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों और कार्यरत पेशेवरों को तकनीक-आधारित वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना है।

यह सहयोग भारतीय उच्च शिक्षा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि यह उन चुनिंदा उदाहरणों में से एक है, जहां किसी आईआईटी ने एक निजी, परिणाम-आधारित शिक्षा मंच के साथ मिलकर डिग्री कार्यक्रमों की सह-प्रस्तुति की है। इस पहल के जरिए आईआईटी जोधपुर ने यह संकेत दिया है कि भविष्य की शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं होगी, बल्कि वह कौशल, नेतृत्व, नवाचार और रोजगार क्षमता पर भी केंद्रित होगी।

शिक्षा का नया मॉडल

इन दोनों कार्यक्रमों को इस तरह तैयार किया गया है कि इनमें तकनीकी दक्षता, प्रबंधन विशेषज्ञता और मानवीय-सामाजिक दृष्टिकोण एक साथ शामिल हों। यानी छात्रों को केवल विषय ज्ञान ही नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन में उपयोगी सोच, निर्णय क्षमता और समस्या समाधान कौशल भी मिलें।

आईआईटी जोधपुर का मानना है कि उच्च शिक्षा को अब उद्योग और समाज की बदलती जरूरतों के अनुरूप खुद को ढालना होगा। इसी सोच के तहत ये दोनों कार्यक्रम तैयार किए गए हैं, ताकि छात्र और पेशेवर आने वाले समय की चुनौतियों के लिए तैयार रह सकें।

बीएस इन मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी

बीएस इन मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी कार्यक्रम 12वीं के बाद सभी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए खुला रहेगा। इसका मतलब है कि गैर-विज्ञान वर्ग के छात्र भी अब आईआईटी से संबद्ध डिग्री हासिल कर सकेंगे। प्रवेश के लिए क्वालिफायर टेस्ट देना होगा।

यह 141 क्रेडिट वाला आठ सेमेस्टर का कार्यक्रम है, जिसमें तकनीक, प्रबंधन और सामाजिक विज्ञान का संतुलित समावेश होगा। इसमें नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के अनुरूप पहले, दूसरे या तीसरे वर्ष के बाद एग्जिट विकल्प भी दिए गए हैं। इससे छात्र अपनी सुविधा और करियर लक्ष्य के अनुसार बीच में भी प्रमाणपत्र लेकर कार्यक्षेत्र में प्रवेश कर सकेंगे।

इस कार्यक्रम से छात्रों के लिए तकनीक, डेटा, प्रबंधन, डिजिटल बिजनेस, ऑपरेशंस, एनालिटिक्स और स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे क्षेत्रों में अवसर खुलने की संभावना है।

एमबीए टेक्नोलॉजी

दूसरा कार्यक्रम एमबीए टेक्नोलॉजी उन पेशेवरों के लिए है जो अलग-अलग उद्योगों में काम कर रहे हैं और तकनीक-आधारित कारोबारी वातावरण को बेहतर समझना चाहते हैं। यह कार्यक्रम नेतृत्व क्षमता, रणनीतिक सोच और निर्णय लेने की दक्षता को मजबूत करने पर केंद्रित है।

66-क्रेडिट वाले इस कोर्स में वर्क-इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट के साथ रणनीतिक प्रबंधन, डिजिटल एंटरप्राइज, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उभरती प्रौद्योगिकियां और उत्पाद-केंद्रित शिक्षण शामिल हैं। इस तरह यह कार्यक्रम खास तौर पर मिड-करियर प्रोफेशनल्स के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जो अपने करियर को अगले स्तर पर ले जाना चाहते हैं।

संस्थान का दृष्टिकोण

आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल ने कहा कि सबसे सार्थक शिक्षा वही है जो छात्रों को केवल करियर के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक दुनिया की जटिलताओं के लिए तैयार करे। उनके अनुसार, यह पहल आईआईटी-आधारित डिग्री की परिभाषा को नया रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

डॉ. अनुज पाल कपूर, एसोसिएट डीन, एग्जीक्यूटिव एजुकेशन, ने कहा कि आज नेतृत्व केवल विशेषज्ञता से नहीं, बल्कि जटिल परिस्थितियों को समझने और विभिन्न विषयों को जोड़ने की क्षमता से तय होता है। वहीं डॉ. दीपक कुमार सक्सेना, प्रमुख, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप, ने जोर दिया कि प्रबंधन शिक्षा को स्वतंत्र सोच और सार्थक प्रभाव पैदा करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।

मसाई के सह-संस्थापक और सीईओ प्रतीक शुक्ला ने कहा कि कोई भी विद्यार्थी केवल इस वजह से पीछे नहीं रहना चाहिए कि उसने स्कूल में विज्ञान वर्ग नहीं चुना। उनके अनुसार, तकनीक और प्रबंधन दोनों कौशल रोजगार क्षमता को मजबूत करते हैं।

क्यों अहम है यह सहयोग

यह साझेदारी केवल दो नए कोर्स शुरू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत में उच्च शिक्षा के बदलते मॉडल की झलक भी देती है। अब कॉलेज और विश्वविद्यालय ऐसे पाठ्यक्रमों की ओर बढ़ रहे हैं, जो अकादमिक ज्ञान के साथ उद्योग की जरूरतों को भी जोड़ते हैं।

आईआईटी जोधपुर और मसाई स्कूल की यह पहल दिखाती है कि आने वाले समय में शिक्षा का केंद्र केवल परीक्षा नहीं, बल्कि रोजगार, नवाचार, नेतृत्व और वास्तविक दुनिया की तैयारी होगा।

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