नागरिकता अधिनियम के खिलाफ राज्यभर में डीएमके चलाएगी हस्ताक्षर अभियान

रीतेश रंजन, आईआईएन/चेन्नई, @Royret
नागरिकता अधिनियम के विरोध में डीएमके और उसके सहयोगी दल राज्यभर में हस्ताक्षर अभियान चलाएगी। डीएमके मुख्यालय अन्नाअरिवालयम में शुक्रवार को घटक दलों के साथ बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए डीएमके प्रमुख स्टालिन ने कहा कि वह राज्य में सीएए, एनआरसी और एनपीआर को लागु नहीं होने देंगे।
उन्होंने कहा कि आज की बैठक में यह फैसला लिया गया है कि आगामी 2 से 8 फरवरी तक राज्यभर में सीएए के विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। जिसमें डीएमके के सभी सहयोगी घटक हिस्सा लेंगे। इन हस्ताक्षर किए दस्तावेजों को एकत्र कर राष्ट्रपति को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि नागरिकता अधिनियम संविधान विरोधी है।
स्टालिन ने राज्य की जनता से भी आग्रह किया है कि वह अपने दस्तावेज सरकार को न सौपें और एनपीआर का बहिस्कार करें। सरकार के इस प्रयास से यह स्पष्ट होता है कि इसकी मंशा संविधान के मुल्यों के खिलाफ है।
इस मौके पर वीसीके नेता तोल तिरुमावलम ने कहा कि केंद्र सरकार आरएसएस के दिशानिर्देेश पर काम कर रही है। वह जनमानस की भावना को भी समझने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि वह राज्य में सीएए को लागु होने नहीं देंगे।
वहीं रजनीकांत द्वारा पेरियार पर दी गई टिप्पणी के संदर्भ में तिरुमावलम का कहना है कि रजनीकांत का वह बहुत आदर करते हैं पर जिस प्रकार से वह आजकल महान समाजसुधारक पेरियार पर टिप्पणी कर रहे हैं वह सही नहीं है।
रजनीकांत राजनैतिक पार्टी लांच करने जा रहे हैं शौक से करें हम उनके इस कदम का स्वागत करते हैं। लेकिन अगर वह पेरियार पर टिप्पणी कर खुद को राजनीति में लाने का पयास कर रहे है तो वह सरासर गलत है।
रजनीकांत जो भी कर रहे हैं वह आरएसएस और भाजपा के ईशारों पर कर रहे हैं। रजनीकांत ने पेरियार के बारे में जो कहा है वह सरासर गलत है।

