लॉकडाउन से परेशान निजी सिक्योरिटी गार्ड्स
रीतेश रंजन, आईआईएन/चेन्नई, @Royret
देशभर में लॉकडाउन कोरोना के कारण फैली महामारी से निपटने के लिए किया गया है| लेकिन इसके कारण कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इनमें मजदूर वर्ग,अमीर-गरीब सभी लोग शामिल हैं| दिहाड़ी व प्रवासी मजदूर के रोजमर्रा की परेशानियों के बारे में हमें आए दिन मीडिया में देखने व सुनने को मिलता है।
इनमें एक तबका ऐसा है जिससे हमारा सामना रोजाना होता है, लेकिन इनकी परेशानियों पर हमारा ध्यान कभी नहीं जाता। इन लोगों के बारे में हमें कहीं किसी मीडिया में शायद ही देखने व पढ़ने को मिला होगा। ये है निजी सुरक्षा गार्ड है जो निजी कंपनियों व रेसिडेंसियल काम्प्लेक्स में सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं।
लॉकडाउन के बाद से इन सिक्योरिटी गार्डों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ये कहते हैं कि लॉक डाउन के बाद से जो परिवहन के साधन थे वो बंद पड़ जाने से इन्हें अपने काम पर जाने में काफी परेशानी होती है।
लॉकडाउन के कारण इन्हें काम से छुट्टी नहीं मिली है। कुछ को मजबूरन पैदल ही काम पर जाना पड़ता है तो कुछ साइकिल से आते हैं और कई तो ऐसे है जिनके पास लिफ्ट लेकर आने जाने के विकल्प के अलावा और कोई दूसरा उपाय नहीं है।
कुछ सिक्योरिटी गार्ड बताते हैं कि उन्हें खाने-पीने में भी काफी समस्या आती है। इनके लिए चाय- पानी की पहले जो व्यस्था थी वह भी अब नदारद है। खाने के लिए जो अम्मा कैंटीन है वहाँ जाते-जाते भोजन ही ख़त्म हो जाता है।

