बिहार की कोरोना संक्रमित महिला बनी मिसाल

अजय कुमार, आईआईएन/पटना, @Ajayjourno18
बिहार के लखीसराय जिले की महिला सौम्या(बदला हुआ नाम) ने संयमित रहकर ना केवल परिवार को बचाया बल्कि समाज के लिए मिसाल पेश किया है।
जिले की एकमात्र कोरोना संक्रमित सौम्या बेहद गरीब परिवार से आती है साथ ही निरक्षर भी है। बिहार में कोरोना के कारण जिस पहले व्यक्ति की मृत्यु हुई, उसकी बहन है।
35 वर्षीय शादीशुदा सौम्या ने बताया कि सम्बन्धी होने के नाते मैं भाई के इलाज के दौरान साथ रही और अंतिम संस्कार में भी शामिल हुई। उसके भाई की मृत्यु कोरोना संक्रमण की वजह से हुई जिसकी पुष्टि दो दिनों के बाद हुई।
इसकी जानकारी होते ही सौम्या ने घर में ही सेल्फ आइसोलेट कर लिया। चार दिनों के बाद सौम्या की भी जांच हुई जिसका रिपोर्ट निगेटिव था लेकिन सौम्या के मन में शंका बनी रही और वह अपने परिवार के अन्य सदस्यों से दूरियां बनाए रखी। 9 दिनों के बाद उसमें कोरोना के लक्षण दिखने लगे।
सौम्या ने इसकी सूचना अपने पंचायत प्रतिनिधि को भिजवाया जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिवार के सदस्यों के साथ जांच हेतु पटना ले गयी। पटना जाने के क्रम में सौम्या ने डॉक्टरों से कहा कि उसके परिवार के किसी भी अन्य सदस्यों को यह बीमारी नहीं होगी क्योंकि उसने सबों से दूरी बनाए रखी है।
कुछ ऐसा ही जांच रिपोर्ट आया जिसमें वह खुद संक्रमित पाई गईं लेकिन परिवार के अन्य सदस्यों का रिपोर्ट निगेटिव निकला। अभी सौम्या का इलाज चल रहा है।
कई पढ़े-लिखें लोगों की लापरवाही की सूचना लगातार सामने आ रही है ऐसे में लखीसराय की इस महिला की कहानी प्रेरित करती है।
कोरोना के विरुद्ध इस युद्ध में संयम, स्वच्छता, समाजिक दूरियां बनाये रखना ही शस्त्र हैं। इसके बदौलत ही हम कोरोना पर विजयी पा सकते हैं।

