नियमो की अनदेखी कर खुली तमिलनाडु में शराब की दुकाने

रीतेश रंजन, आईआईएन/चेन्नई, @Royret

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के बाद तमिलनाडु में भी शराब की दुकान है गुरूवार से खोल दी गई है। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में बीते कुछ दिनों में कोरोंना पॉजिटिव मामलों की संख्या में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि हुई है। यही कारण है कि चेन्नई महानगर निगम ने चेन्नई व इसके आसपास के इलाकों में शराब की दुकानें खोलने पर प्रतिबंध जारी रखा है।

तसमाक दुकानें जो राज्य सरकार द्वारा संचालित शराब की दुकान है। उसे चेन्नई से सटे इलाकों में खोलने की इजाजत नहीं मिली। लेकिन अन्य जिलों में जहां कोरोना मामलों की संख्या बहुत कम है वहां इसे खोलने की इजाजत दी गई है। गुरूवार को उन जिलों में ये दुकानें खुली और यहाँ काफी संख्या में भीड़ देखने को मिली।

इनफोडिया टीम ने चेन्नई से सटे चैंगलपट्टू जिले के इलालूर रोड में जाकर तसमाक की दुकान का जायजा लिया और पाया कि यहां सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही थी। हालांकि राज्य सरकार ने दुकान खोलने से पहले दिशा निर्देश जारी किया था कि हर व्यक्ति के बीच 6 फीट का दूरी होनी चाहिए।

यहाँ पुलिस की मौजूदगी में भी इस सोशल डिस्टेंसिंग का भद्दा मजाक उड़ाया जा रहा था। इस गांव में करीबन चार शराब की दुकानें हैं। जिनमें से तीन चेन्नई से सटे हुए होने के कारण उसे बंद रखा गया है। यही कारण है कि 5 गांव के लोग यहां सुबह से ही शराब लेने के लिए लाइन में लगे हुए।

कुछ लोग जो कतार में शराब लेने के लिए खड़े हैं उन्होंने मास्क लगा रखा था तो कुछ बिना मास्क के ही करें। ऐसे में कोरोना के बढ़ने का खतरा और भी बढ़ जाता है।

भीड़ में खड़े ऋषि से बात की तो उसने बताया कि वह सुबह 9:00 बजे से यहां कतार में खड़ा है और जिस समय वह यहां आया था उसके आगे करीबन हजार लोग खड़े थे दोपहर के 3:00 बजे तक उसका नंबर नहीं आया। शराब के लिए लोग धूप में भी खड़े होकर के लंबे समय तक इंतजार कर रहे थे।

मुत्तुसेलवम का कहना है कि वह सुबह 11 बजे से इंतजार कर रहे हैं। यहां गांव में 4 शराब की दुकाने है लेकिन उन्हें बंद रखा गया है यही कारण है कि हमे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

राजकुमार का कहना है कि मैं सुबह से यहां शराब लेने के लिए इंतजार कर रहा हूं। अबतक 4 घंटों में मैंने केवल 35 मीटर की दूरी तय की है। मुझे विस्वास है कि शराब पीने से कोरोंना मेरे निकट भी नहीं आएगा।

कतार इतनी लम्बी थी की सड़क के 3 किलोमीटर तक लम्बी लाइन लगी हुई थी। वही वहां सड़क के दोनों किनारे खड़े थे। जिसकी वजह से सड़क से गुजरने वाले वाहनों को काफी परेशानी हो रही थी और जाम की स्थिति बानी हुई थी। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पहले दिन ही शराब की बिक्री से 170 करोड रुपये का राजस्व कमाया।

इस बीच डीएमके और उसके सहयोगी दलों के नेताओं ने अपने-अपने घर के आगे कला वस्त्र पहन कर तमिलनाडु सरकार के इस फैसले का विरोध किया और नारेबाजी भी की।

इस विरोध प्रदर्शन में डीएमके के सहयोगी दल कांग्रेस, एमडीएमके, वीसीके, आईजेके, लेफ्ट पार्टयों ने भी हिस्सा लिया। डीएमके प्रमुख स्टालिन ने खुद अपनी बहन कनिमोझी के साथ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *