कैबिनेट मीटिंग में होगा प्रवासी लोगो को वापस भेजने का फैसला: नीलोफर काबिल

रीतेश रंजन, आईआईएन/चेन्नई, @Royret
केंद्र सरकार ने भले ही लॉक डाउन में फसे मजदूरों, श्रद्धालुओं और विधार्थियों के वापस घर जाने का आदेश जारी कर दिया हो पर इससे तमिलनाडु में फसे प्रवासी लोगों को फिलहाल कोई फायदा नहीं मिलने वाला है। क्योंकि अबतक इस विषय पर राज्य सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है।
यह कहना है तमिलनाडु की श्रम मंत्री नीलोफर काबिल का। इनफोडिया के साथ विशेष बातचीत में उन्होंने बताया की कैबिनेट की बैठक 3 या 4 मई को होने वाली है।
बैठक की अध्यक्षत्ता तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एडपाडी पाल्निसमि करेंगे और लॉक डाउन में फसे लोगों को उनके प्रदेश भेजने के बारे अंतिम फैसला तभी लिया जाएगा।
तमिलनाडु में काफी ऐसे लोग है जो रामेश्वरम, कन्याकुमारी और मदुरै में तीर्थ यात्रा के लिए आये थे लेकिन लॉक डाउन के बाद से वे लोग यही अटक गए।
तमिलनाडु में कई शिक्षण संसथान है जहा पढ़ने के लिए देश के कोने कोने से लोग आते है। हालाँकि राज्य के शिक्षण संस्थानों में लॉक डाउन से पहले छुट्टी दे दी गयी थी लेकिन कुछ छात्र अभी यहाँ फसे हुए है।
वही लाखों की संख्या में राज्य भर में विभिन्न प्रदेश के मजदुर लॉक डाउन के बाद से यहाँ फसे हुए है।
अब जब केंद्र सरकार ने यह आदेश जारी किया है की फसे हुए लोग को घर भेजने का आदेश जारी किया है इससे लॉक डाउन में फसे लोगों में काफी आशा जगी है। लेकिन तमिलनाडु सरकार ने इसपर अबतक कोई फैसा नहीं लिया है।

